उत्तर प्रदेश में विधानसभा की नौ सीटों को लेकर हो रहे उपचुनाव को लेकर सियासत तेज है। सभी सीटों पर अब प्रचार भी थम चुका है। समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से कहा है कि ऐसी व्यवस्था स्थापित करें जिससे मतदान के दिन कोई भी पुलिसकर्मी किसी भी मतदाता की आईडी की जांच न करे। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान कई पोलिंग बूथों पर मुस्लिम महिलाओं को डराने धमकाने का काम किया गया। इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि नौ सीटों पर वोटिंग खत्म हो जाने के बाद एजेंट को कुल मतदाता के पड़े वोट कीरी जानकारी की प्रमाणिकता की कॉपी उपलब्ध कराई जाए। चुनाव आयोग को समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामपाल की तरफ से ये पत्र लिखा गया है और पार्टी की मांग को सामने रखा गया है। इस पत्र के जरिए इस संबंध में संबंधित अधिकारी, जिला अधिकारी, सामान्य प्रेषक, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को लिखित आदेश जारी किया जाए।
उत्तर प्रदेश की मीरापुर, कुंदरकी, गाजियाबाद, खैर, करहल, शीशामऊ, फूलपुर, कटेहरी और मझवां सहित नौ सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा और परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। सबसे ज्यादा 14 उम्मीदवार गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं। वहीं, सबसे कम पांच-पांच उम्मीदवार खैर (सुरक्षित) और सीसामऊ सीट पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
