भोले बाबा’ बच गए और अल्लू अर्जुन नप गए! 121 मौत के बाद बाल भी बांका न हुआ!

साउथ के सुपरस्टार और पुष्पा सीरीज से दुनिया भर में मशहूर अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से आहत फैन्स की भावनाएं बाहर आने लगी हैं. पुष्पा-2 की स्पेशल प्रीमियर के दौरान भगदड़ में एक महिला की मौत होने के मामले में अल्लू अर्जुन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई ने सोशल मीडिया पर भी भूचाल ला दिया है. अल्लू अर्जुन का कहना है कि पुलिस ने उनके बेडरूम में घुसकर उन्हें गिरफ्तार किया.

पुलिस ने 13 दिसंबर को गिरफ्तारी के बाद अल्लू अर्जुन का मेडिकल करवाकर तेलंगाना हाई कोर्ट में पेश किया. इसके बाद जस्टिस जुव्वडी श्रीदेवी ने फैसला सुनाते हुए उन्हें 14 दिनों की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया. हालांकि, बाद में हाई कोर्ट ने अल्लू अर्जुन को अंतरिम जमानत भी दे दी. एक्टर अल्लू अर्जुन के अलावा उनकी सिक्योरिटी टीम और थिएटर मैनेजर के खिलाफ चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 118 (1) के तहत मामला दर्ज किया गया था.

बॉक्स ऑफिस पर जिस तरह से फिल्म पुष्पा-2 तहलका मचा रही है, उसके मुख्य किरदार अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी के बाद वैसा ही बवाल सड़कों पर बढ़ गया है. इस बीच पुष्पा-2 के प्रीमियर की भगदड़ में जान गंवाने वाली महिला रेवती के पति ने कहा कि मेरे बेटे ने मुझे उस दिन संध्या थिएटर में फिल्म दिखाने के लिए कहा था. इस दुर्घटना के लिए अल्लू अर्जुन का कोई दोष नहीं है. अगर जरूरत पड़ी तो मैं केस वापस ले लूंगा. मुझे अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी के बारे में पुलिस से नहीं बल्कि मोबाइल से पता चला.

एक महिला की मौत के मामले में अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद सियासत भी तेज हो गई. अल्लू अर्जुन के ससुर कंचरला चंद्रशेखर रेड्डी तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं. उन्होंने पुलिस स्टेशन पहुंचकर अल्लू अर्जुन से मुलाकात की थी. हालांकि, उन्होंने मीडिया से कुछ नहीं कहा. दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की पार्टी YSRCP और के चंद्रशेखर की पार्टी बीआरएस ने अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी को गलत बताया है.

इसके साथ ही नेता, पत्रकार, वकील और कलाकार समेत कई लोगों मे सोशल मीडिया पर देश के अलग-अलग मामले के साथ अल्लू अर्जुन की तुलना करते हुए इसे ज्यादती करार दिया है. कुछ लोगों ने अल्लू अर्जुन के मामले में इसी साल जुलाई महीने में उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत के मामले का भी जिक्र किया. इस केस में हाथरस में सतसंग कराने वाले कथित प्रवचनकर्ता नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा का नाम तक एफआईआर में दर्ज नहीं किया गया था.

हाथरस भगदड़ मामले की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने भोले बाबा से पूछताछ भर की थी. जबकि, हाथरस के फुलरई गांव में दो जुलाई को नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में 80 हज़ार लोगों के शामिल होने की परमिशन लेकर क़रीब ढाई लाख लोगों को जुटा लिया गया था. भक्तों के समागम के आयोजन की व्यवस्था बाबा के खास सेवादारों ने ही संभाल रखी थी. सत्संग के बाद भोले के निकलने वक्त उनके चरणों की धूल लेने के लिए सैकड़ों भक्त दौड़ने लगे. खेत में बारिश की वजह से मिट्टी पर लोगों के फिसलने से भगदड़ मची और एक के ऊपर एक लोग गिरते चले गए.

हाथरस हादसे में 121 लोगों की जानें चलीं गई थी. हादसे के चश्मदीदों ने दावा किया था कि हादसा के वक्त भोले बाबा के सेवादार हालात को संभालने की ज़िम्मेदारी के बदले वहां से भाग खड़े हुए थे. पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है. पुलिस ने इस मामले में 1 अक्टूबर को कोर्ट में कुल 3200 पेजों को चार्जशीट दाखिल की. इसमें सत्संग का आयोजन करने वाले समेत ग्यारह लोगों को आरोपी बनाया है.

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