यूरिया वितरण व्यवस्था की जांच हेतु उप कृषि निदेशक का औचक निरीक्षण

कानपुर। जिलाधिकारी के निर्देश पर उप कृषि निदेशक डॉ. आर.एस. वर्मा ने विकास खंड शिवराजपुर एवं चौबेपुर क्षेत्र के विभिन्न उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में जिला कृषि रक्षा अधिकारी सलीमुद्दीन भी सम्मिलित रहे। निरीक्षण का उद्देश्य किसानों को उनकी जोत के अनुरूप तथा निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना था।
निरीक्षण के दौरान शिवराजपुर सहकारी संघ लिमिटेड का केंद्र बंद पाया गया, जिस पर केंद्र को समयबद्ध रूप से खोलने एवं उपलब्धता की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। इफ्को किसान सेवा केंद्र, शिवराजपुर पर सचिव सुरजीत उपस्थित पाए गए। केंद्र पर 34.83 मीट्रिक टन यूरिया, 1.15 मीट्रिक टन डीएपी तथा 34.7 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध पाया गया। इस अवसर पर लगभग 20-25 किसान लाइन में मौजूद थे। सचिव को निर्देश दिया गया कि विक्रय केवल किसानों की जोत के अनुसार किया जाए तथा किसी भी दशा में निर्धारित दर से अधिक मूल्य न लिया जाए।
मिनी कृषि सेवा केंद्र, शिवराजपुर पर प्रोपराइटर पुष्पेंद्र दीक्षित मौजूद रहे। स्टॉक रजिस्टर के अवलोकन में 4.05 मीट्रिक टन डीएपी, 2.1 मीट्रिक टन एनपीके तथा 0.45 क्विंटल यूरिया दर्ज पाया गया। केंद्र को निर्देशित किया गया कि विक्रय पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए एवं रजिस्टर प्रविष्टियों को अद्यतन रखा जाए।
साधन सहकारी समिति, दिलीप नगर पर सचिव की अनुपस्थिति में सहयोगी रामप्रसाद मिले। स्थल पर 22.500 मीट्रिक टन यूरिया ट्रक से उतारी जा रही थी। समिति को निर्देशित किया गया कि स्टॉक की उपलब्धता बढ़ाई जाए एवं किसानों की सुविधा के लिए कतार प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
साधन सहकारी समिति, गौरी लक्खा में सहयोगी सौरभ उपस्थित रहे। यहां 16.425 मीट्रिक टन यूरिया, 19.5 मीट्रिक टन डीएपी एवं 23.75 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध पाया गया। कृषकों से बातचीत में विक्रय रजिस्टर एवं वास्तविक विक्रय में अंतर पाया गया, जिस पर प्रविष्टियों का सत्यापन एवं आवश्यक दुरुस्ती के निर्देश दिए गए। यह भी निर्देशित किया गया कि भविष्य में बिल, रजिस्टर एवं किसानों के बयान में पूर्ण सामंजस्य बनाए रखा जाए।
निरीक्षण के उपरांत उप कृषि निदेशक ने सभी केंद्रों को निर्देशित किया कि उर्वरक का वितरण केवल किसानों की जोत के अनुसार किया जाए, निर्धारित दर से अधिक मूल्य किसी भी दशा में न लिया जाए, प्रत्येक विक्रय पर बिल उपलब्ध कराया जाए तथा स्टॉक एवं विक्रय रजिस्टर का प्रतिदिन अद्यतन किया जाए। साथ ही कतारबद्ध किसानों के लिए पानी, छाया और टोकन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक सहकारी समितियों को निर्देशित किया गया है कि निरीक्षण में चिन्हित बिंदुओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें और की गई कार्यवाही से उप कृषि निदेशक को अवगत कराएं।

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