घरों से  पलायन कर रहे बच्चों को मुसीबत से बचाने हेतु कानपुर सेंट्रल पर लोगों को किया जागरूक

कानपुर। बाल सेवी संस्था सुभाष चिल्ड्रन सोसायटी व रेलवे चाइल्डलाइन कानपुर के कार्यकर्ताओं द्वारा घरों से पलायन कर रहे बच्चों को मुसीबत से बचाने हेतु कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर किया गया कार्यक्रम का आरंभ रेलवे चाइल्डलाइन 1098 कानपुर की गतिविधियों  को बताकर किया गया।
साथ ही कार्यक्रम के दौरान रेलवे  चाइल्डलाइन कानपुर  समन्वयक गौरव सचान कमल  ने बताया कि बच्चे घरों से अनेक कारणों से परेशान होकर घर से बिना बताए पलायन कर जाते हैं और ट्रेन को अच्छा साधन मानते हुए स्टेशनों पर आ जाते हैं और हमारे समाज में कुछ ऐसे  अराजक तत्व हैं जिनके चंगुल में बच्चे फंस जाते हैं और अपना जीवन नर्क बना लेते हैं  हमें ऐसे लोगों से बच्चों को बचाना है और ऐसे अराजक तत्वों को पहचान कर उनको कठोर से कठोर  कानूनी कार्यवाही  करवाकर सजा दिलवाने होगी ताकि यह बच्चों का भविष्य के साथ खिलवाड़ ना कर सके  रेलवे चाइल्ड लाइन कानपुर बच्चों की मदद के लिए 24 घंटे तत्पर है।
कार्यक्रम के दौरान रेलवे चाइल्डलाइन कानपुर  टीम सदस्य प्रदीप कुमार उमाशंकर  रीता सचान संगीता सचान द्वारा  सभी प्लेटफॉर्म में जाकर लोगों को  बताया गया एवं जागरूक किया गया  कि इस दौरान बच्चे अधिकतर दूसरे के बहकावे में आकर अपने घरों से निकल आते हैं और स्टेशनों अन्य शहरों में आकर अपने भविष्य को बर्बाद कर लेते हैं   क्योंकि बच्चे बहुत ही कोमल होते हैं और दूसरों की चाल को नहीं समझ पाते हैं इसलिए तो हम सबको मिलकर ऐसे बच्चों को बचाना है और अगर आपको कहीं पर भी कोई मुसीबत में फंसा बच्चा दिखाई दे तो उसकी मदद के लिए चाइल्डलाइन के निशुल्क  नंबर 1098 पर सूचना दें ताकि उस बच्चे को सुरक्षित बचाया जा सके और उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान रेलवे  चाइल्डलाइन  कानपुर  काउंसलर मंजू लता दुबे ने बताया कि  वर्तमान समय में प्रतिदिन दो से तीन बच्चे  घरों से बिना बताए पलायन किए हुए रेलवे चाइल्ड लाइन के संपर्क में आते हैं  संपर्क में आने के पश्चात उन बच्चों की काउंसलिंग की जाती है बच्चों को समझाया जाता है  सही क्या है गलत क्या है उनको प्रत्यक्ष रूप से दिखाया जाता है और जब बच्चे को अपनी गलती का एहसास होता है तो उन्हें पुनः उनके घर परिवार में भेजा जाता है  ताकि बच्चे ऐसी गलती दोबारा ना करें और उनका भविष्य बर्बाद ना हो व  लोगों से अपील की कि अगर कहीं पर भी कोई मुसीबत में फंसा हुआ बच्चा, अकेला ,परेशान ,अनाथ, किसी के द्वारा सताया हुआ, बाल मजदूर,  या समूह में बच्चे को देखे  तो उसकी मदद के लिए  चाइल्डलाइन के  निशुल्क नंबर 1098 पर सूचना दें ताकि समय रहते बच्चों की मदद की जा सके और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर दो हजार से अधिक लोगों को बच्चों की मदद के लिए जागरूक किया गया।
इस जागरूकता कार्यक्रम में सुभाष चिल्ड्रन सोसायटी कानपुर नगर में  कानपुर यूनिवर्सिटी के इंटर्नशिप कर रहे  छात्रों ने अपनी अहम भूमिका निभाई और अधिक से अधिक बच्चों को  मुसीबत से बचाने हेतु जागरूक किया कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर लगभग 1000 से अधिक लोगों को जागरूक किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से रेलवे चाइल्डलाइन  कानपुर  समन्वयक गौरव सचान  काउंसलर मंजूलता दुबे  टीम सदस्य रीता सचान, अमिता तिवारी,  संगीता सचान, शबाना सलीम  सुभाष चिल्ड्रन सोसाइटी में इंटर्नशिप कर रहे छात्र  सार्थक मिश्रा  नवल तिवारी सत्येंद्र चौधरी अनामिका पोरवाल प्रभात सिंह हर्षिता तिवारी अंकित अवस्थी जीआरपी, आरपीएफ ,टीटी, कुली ,वेंडर , टेंपो ऑटो रिक्शा चालक बच्चे यात्रीगण उपस्थित रहे।

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