थाय़राइड रोग का तीन कारणों से हो सकते हैं शिकार, शरीर देता है ऐसे…

थायरॉइड गले में तितली के आकार का ग्‍लैंड होता है। यह गले में ठीक सामने की ओर मौजूद होता है। थायरॉयड ग्‍लैंड हार्मोन बनाता है, जो व्यक्ति के शरीर के मेटाबॉलिज्म (हम जो भोजन खाते हैं, यह उसे ऊर्जा में बदलने का काम करता है) को बढ़ाने का काम करता है। साथ ही यह बॉडी सेल्स को कंट्रोल करने का काम करता है। शरीर की सभी प्रक्रियाओं को थायरॉइड हार्मोन नियंत्रित करता है। जब इस ग्‍लैंड में गड़बड़ी हो जाती है तो व्यक्ति को थायरॉइड से संबंधित रोग होते हैं।

आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि थायरॉइड किन चीजों से बढ़ने लगता है। इस बारे में न्यूट्रिशनिस्ट मनोली मेहता जानकारी दे रही हैं। बता दें कि न्यूट्रिशनिस्ट मनोली मेहता डायबिटीज शिक्षक और वेट मैनेजमेंट स्‍पेशलिस्‍ट हैं। लेकिन उससे पहले हले थायरॉइड बढ़ने के लक्षणों के बारे में जानकारी होना जरूरी है।

लक्षण

मसल्‍स में कमजोरी और दर्द

दिल की धड़कन बढ़ना

पीरियड्स में गड़बड़ी

बालों का झड़ना

ज्‍यादा भूख लगना

ज्‍यादा पसीना आना

चिड़चिड़ापन

वेट लॉस

घबराहट

अनिद्रा

हाशिमोटो (यह एक ऑटोइम्यून विकार है, जो थायरॉयड सेल्‍स को नष्ट कर देता है) से पीड़ित व्यक्तियों में सेलेनियम की कमी सबसे आम पोषक तत्व की कमी होती है। बता दें कि यह पोषक तत्व थायरॉइड के कामों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए इसके सप्‍लीमेंट लेने से न सिर्फ ऑटोइम्‍यून रोग के ट्रिगर्स से बचने में सहायता मिलती है। बल्कि थायरॉइड एंटीबॉडी के हाई लेवल को भी कम करने का काम करता है। सेलेनियम ग्लूटाथियोन का उत्पादन करता है, जिसके कारण थायरॉयड ग्‍लैंड को सूजन से बचाता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम करता है। साथ ही यह बालों को झड़ने से भी रोकता है।

ग्लूटेन में पाए जाने वाले प्रोटीन को ग्लियाडिन कहा जाता है। इसकी मॉलिक्यूलर संरचना थायरॉइड के जैसी होती है। इसलिए जब भी ग्लूटेन वाले खाने को खाया जाता है, तो यह ब्‍लडस्‍ट्रीम में प्रवेश कर जाता है। ब्‍लडस्‍ट्रीम में जाने पर यह खाने को पचाने की जगह उस पर हमला करना शुरू कर देता है। साथ ही ग्‍लूटेन के सेवन से शरीर में एलर्जी और सूजन की समस्या भी हो सकती है।

हर व्यक्ति को डाइट में कम से कम कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों को शामिल करना चाहिए। क्योंकि इनमें कैलोरी की मात्रा अधिक पाई जाती है। अधिक कैलोरी थायरॉइड के काम में रुकावट पैदा करती है। इसके साथ ही कार्ब्स के सेवन से मेटाबॉलिक रेट धीमा हो जाता है। इसलिए आपको अपने दिन की शुरूआत अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन कॉम्प्लेक्स कार्ब्स आदि से करनी चाहिए। अपनी डाइट में आप एवोकाडो, अंडे, ग्लूटेन फ्री ब्रेड या ओट्स, अखरोट, ब्लूबेरी और बादाम के दूध को शामिल कर सकते हैं।

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