भाषाई मर्यादा को पार करते द्विअर्थी संवाद ,अश्लील रिल्स ने माहौल बिगाड़ा ..!

पंकज कुमार मिश्रा मीडिया कॉलमिस्ट शिक्षक एवं पत्रकार केराकत जौनपुर
आदिपुरुष के डायलॉग्स पर सभी का खून खौल उठा। पर क्या आपको नहीं लगता की सोशल मीडिया पर आजकल अश्लील रिल्स धड़ल्ले से डाले जा रहे जिससे पारिवारिक और सामाजिक माहौल बिगाड रहा । ये साफ़ हिंदू संस्कृति के विरुद्ध युद्ध है ?  जिसके एक तरफ फिल्म इंडस्ट्री दूसरी तरफ हम हैं ? क्या ये एक रात में अचानक हो गया ? बिलकुल नहीं । मेरे मत में एक हद तक दर्शक भी इसके जिम्मेदार हैं, कोई भी ट्रेंड तब तक नहीं चल सकता अगर दर्शक उसे स्वीकार ना करें. वर्ना इनकी इतनी हिम्मत ना होती ऐसा दुस्साहस करने की । ये किसी को सलाह नहीं है स्वतंत्र देश होने के नाते सब अपनी पसंद अनुसार कुछ भी देखने सुनने के हकदार हैं, बात केवल इतनी करना चाहती, की आदिपुरुष वाली स्तिथि कोई अचानक नहीं आई, ये रोज़ ही लगभग हर फिल्म में थी । इसका बीज 70s में बो दिया गया था, जो अब वृक्ष बनकर इसके कांटे दर्शको की आँखों में चुभ रहे हैं, पर शायद विरोध अब देर से हुआ ।70s से अब तक कभी इतने व्यापक पैमाने पर विरोध दर्ज नहीं हुआ, अगर होता तो नौबत यहां तक ना आती ।हुआ भी तो छोटा विरोध, या कुछ याचिकाएं, शायद एकमत नहीं थे सब जो दलील देंगे, की पहले विरोध के लिए इतना मीडिया नहीं था, उन्हें बता दूँ,की पहले हिंदुत्व कम था पर विरोध जमीनी था । वैसे आज पवन सिंह समर सिंह खेसारी लाल और टोनी कक्कर क्या लिख रहें है , बेहद गंदे और द्विअर्थी मुझसे तो लिखते भी नहीं बनेगा यहां, सुनकर ही घिन आती, लगता कोई इसका लेखन बैन कर दे, प्रतिभाशाली बादशाह की लिरिक्स भी , हनी सिंह की लोकप्रियता के तो रिकॉर्ड टूट गए, उस ज़माने में हर कहीं उसी के गीत बजते थे, “मैं हूँ बलात्कारी  गीत पर  कोर्ट केस हुआ भी तो इंटरव्यू में चार आंसू बहाकर मूर्ख जनता की सहानुभूति लूट ली ।इनके प्रशंसक कौन हैं ? कही बाहर से तो  नहीं आये, हम में से ही हैं । लकी अली और पंकज उदास के पेज लाइक्स देखिये, और ये ऊपर के स्टार्स के लाइक्स देखिये, इनके मिलियंस में हैं. उनके हज़ार में।अक्षय, अनिल कपूर, आमिर, अभिषेक बच्चन आदि कई ने वल्गर लिरिक्स वाले गीतों पर डांस किया है, फिर बोले, तब हमे समझ नहीं आया इसका ये मतलब था, वर्ना नहीं करते । कॉमेडी में कृष्ण का अपमान करने वाले मुनव्वर फारूकी के शो में काफी जनता जाती है, शो रूकवाने वालो को लोग राजनैतिक गुंडा कहते हैं ।
कुछ दिन पहले ओटीटी कंटेंट पर वेब सीरीज की भरमार और उसमें भी बस गालियां वो भी  माँ की गाली ,हद है ।  उच्च शिक्षित संभ्रात लोग भी गर्व से कंटेंट  स्टेटस पर शेयर और फ्लॉन्ट कर रहे , क्या शिक्षित होने के साथ हम और पिछड़ गए हैं ? भला हो उसका शो रूकवा दिया गया इन राजनैतिक गुंडों ने । लोकप्रिय कलाकार जॉनी वॉकर , जिनकी फिल्मे गुरुदत्त जी के निधन के बाद कम हो गयीं, उनसे एक इंटरव्यू में कम रोल करने की वजह पूछी गई, बोले – अब कॉमेडियन तब जितना सम्मानित नहीं है, पहले मैं हीरो जितना महत्त्व होता था, पहले कहानी तय होती थी सॉलिड, फिर कलाकार ढूंढें जाते थे, डायरेक्टर्स उनके लिए कॉमेडी गीत भी रखते थे अधिक फीस देकर, अब फिल्म के दृश्यों के बिच में कामचलाऊ टुकड़ों में कॉमेडी दृश्य भरे जाते । तब पता होता था इंसान बच्चो सहित सपरिवार आएगा फिल्म देखने. उनकी 300 फिल्मो के दौरान एक भी लाइन पर सेंसर बोर्ड की कैंची नहीं चली. इसलिए उन्होंने फिर करीब 14 वर्ष बाद चाची 420 स्वीकार की । यकीन नहीं आमिर “डेल्ही बेली” बना सकते, इसके “डी के. बोस” गीत पर तो कॉलेज फंक्शन्स में छात्र नाच रहे रील बना रहे, फिर भी आमिर सबके सुपरस्टार्स की गिनती में रहे । जब 70s में ये द्विअर्थी चीप भाषा शुरू हुई, इसे नाकारने के बजाय दर्शकों ने एन्जॉय किया, कॉमेडियन या हीरो की ऐसी भाषा पर दिल खोलकर सपरिवार तालियां बज रहे । ये और निम्नस्तरीय होती चली गयी । माँ, बहन, पत्नी हर रिश्ते को गाली दी गई, जीजा-साली और डॉक्टर-नर्स, बॉस-सेक्रेटरी पर चीप कॉमिक डायलॉग्स तो हर किसी ने एन्जॉय किये.
हीरोइन को चीप भाषा से छेड़ता-सताता  नायक भी  पसंद आया.जबकि ये एक तरह से नारी अधिकार का हनन है।माना फिल्मे समाज का दर्पण होती हैं, पर ऐसे ही फिल्मो का असर भी समाज पर होता है.  इनकी नक़ल करते बच्चो को स्मार्ट समझ पेरेंट्स खुश होते हैं । थ्री इडियट्स का चमत्कार सीन बच्चों सहित सपरिवार मजे से देखा लोगो ने, और घर पर रिपीट कर भी लोटपोट होते हैं. अतिदुर्भाग्यपूर्ण , बलात्कार शब्द का मज़ाक भी बनाया गया, और उस पर महिलायें तक जमकर हंसी । लेख का सार – अगर विरोध का यही स्तर बना रहा, तो इंडस्ट्री अवश्य मजबूर होगी दर्शकों की बात मानने को ,पर अगर दर्शक कहें, की नहीं हमें केवल धार्मिक फिल्मों में ही ऐसी भाषा नहीं चाहिए, बाकी सबमें तो हम इसे एन्जॉय करेंगे और सर आँखों पर बैठाएंगे, तो ऐसा  दोहरे मापदंड क्यों ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
PM Modi की West Bengal में बड़ी चेतावनी, 4 May के बाद TMC के हर पाप का होगा हिसाब | Congress आई तो जेल जाने को रहें तैयार, Rahul Gandhi का Assam CM को अल्टीमेटम | Himanta Biswa Sarma का Congress पर बड़ा पलटवार, Pawan Khera को दी जेल भेजने की चेतावनी | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, "उस जलडमरूमध्य को खोलो, तुम पागल कमीनों!"
Advertisement ×