
पंकज कुमार मिश्रा, मिडिया विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी
वोडा, जियो और एयरटेल ने अपने ग्राहकों को तगड़ा झटका दिया है जिसके बाद उनके यूजर्स अब इन कम्पनीयों से नाराज दिख रहें। आपको बता दें की इन सिम और मोबाईल नेटवर्क कम्पनीयों ने यूजर्स को लूटने का पूरा खाका तैयार किया है जिसके तहत टैरिफ़ और डेटा पैक की कीमतों को 25% तक बढ़ा दिया गया और अब महीने के दिन घटाकर 21 करते हुए न्यूनतम डेटा अनलिमिटेड दो जीबी प्रतिदिन पैक की कीमत लगभग तीन सौ रुपए कर दिए है जिसके बाद सोशल मिडिया पर इन कम्पनीयों को ट्रोल किया जा रहा। एक यूजर ने तो यहां तक लिखा की आकाश अंबानी के शादी का खर्च अब ग्राहकों से वसूलेगी जीओ। वहीं एयरटेल के उपभोक्ता सिम दूसरी कंपनी में पोर्ट कराने की बात कर रहें। ग्राहकों के विरोध के चलते इन कम्पनीयों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। सिम कंपनी के दिए झटको के बाद आम और मध्यम तबके के लोग अब इंटरनेट उपयोग को कम करने की बात कह रहें , हालाँकि इन सिम कम्पनीयों के महंगे किए टैरिफ प्लान, 3 जुलाई से होंगे लागू। देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी जीओ ने प्रीपेड टैरिफ प्लान की कीमतें बढ़ाने का एलान किया है। जियो के बढ़े हुए टैरिफ प्लान 3 जुलाई से शुरू होंगे। कंपनी का बेस प्लान जो पहले 155 रुपये का था, वो बढ़कर 189 रुपये का हो जाएगा। रिलायंस जियो ने 17 प्रीपेड और 2 पोस्ट पेड प्लान की कीमतें बढ़ाई हैं। रिलायंस जियो का बेस प्लान 155 रुपये का है, जिसकी कीमत बढ़कर अब 189 रुपये हो गई है। हालांकि प्लान की वैलेडिटी 28 दिन ही रहेगी। दूसरा प्लान 209 रुपये का है, जिसकी कीमत बढ़कर 249 रुपये हो गई है। इन प्लान की डेटा बेनफिट में कोई भी बदलाव नहीं हुए हैं। इसके साथ ही 239 प्लान जो अनलिमिडेट 5G डेटा ऑफर करता है उसकी कीमत बढ़ाकर 299 रुपये कर दी गई है। इस प्लान में यूजर्स को 28 दिन की वैधता मिलती है। टेलिकॉम कंपनियों ने नवंबर 2021 के बाद पहली बार टैरिफ में बड़ा इजाफा किया है। इसका मकसद एवरेज रेवेन्यू पर यूजर बढ़ाना है। जानकारों का कहना है कि टेलिकॉम कंपनियों ने 5जी सर्विसेज के लिए भारी निवेश किया है। मसलन जियो और एयरटेल ने 5जी सेवाएं शुरू करने के लिए दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है लेकिन अब तक उन्हें इस इन्वेस्टमेंट पर रिटर्न नहीं मिला है। मई में एयरटेल के एमडी गोपाल विट्टल ने कहा था कि इंडस्ट्री का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड बढ़ाने के लिए टैरिफ में भारी बढ़ोतरी की जरूरत है। मोबाइल टैरिफ के साथ-साथ ब्रॉडबैंड सर्विस का टैरिफ भी बढ़ाया गया है।
