- चाटुकारिता पत्रकारिता नहीं है, आंखों में आंखें डाल कर सवाल पूछिए
- राजनीति करनी हो तो पत्रकारिता छोड़ दें
- पत्रकारों को भाषा का ज्ञान और उसमें पकड़ ज़रूरी
कानपुर। कानपुर प्रेस क्लब की ओर से आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में पत्रकार, सांसद एवं बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि अब पत्रकारिता की साख का संकट है। पत्रकारों को ध्यान देना होगा और ऊंची उड़ान के लिए ऊंचा सोचना होगा। वह कानपुर प्रेस क्लब में आयोजित अभिनंदन समारोह के बाद पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को भाषा का ज्ञान और उसमें पकड़ ज़रूरी है। हिंदी के साथ अंग्रेजी भी ज़रूरी है। खूब पढ़ें और सीखें। चाटुकारिता पत्रकारिता नहीं है। आंखों में आंखें डाल कर सवाल पूछिए। यह भी कहा कि ऊंची उड़ान के लिए ऊंचा सोंचे और खूब मेहनत करें। राजनीति करनी हो तो पत्रकारिता छोड़ दें। उन्होंने अपने कानपुर के पत्रकारिता के दिनों को याद करते हुए उन्होंने उन पत्रकारों के नाम गिनाए, जो निर्भय होकर निस्वार्थ पवित्र पत्रकारिता करते थे। उनसे नेता और अफसर घबराते थे।

उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया कि इसी प्रेस क्लब में वह खूब आते और प्रेस वार्ताएँ कवर करते थे। वह प्रेस क्लब के आभारी हैं, जो हमें यहां बुलाया। राजीव शुक्ला का स्वागत करते हुए वरिष्ठ पत्रकार रमेश वर्मा ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में विस्तार से बताया। प्रेस क्लब के अध्यक्ष सरस वाजपेई ने उनसे सीखने की बात कही और बताया कि हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर आयोजन की श्रखला आयोजित की जाएगी। उनका आभार भी जताया। इस मौके पर जेएमडी ग्रुप के चेयरमैन संजीव दीक्षित और यूपीसीए की यूपी टी-20 लीग के चेयरमैन सहित कई पत्रकार मौजूद रहे। संचालन प्रेस क्लब महामंत्री शैलेश अवस्थी ने किया। इस मौके पर राजीव शुक्ला ने खेल पत्रकारों को सम्मानित भी किया।
ज़ोरदार किया गया अभिनंदन
कानपुर प्रेस क्लब की पूरी टीम ने राजीव शुक्ला का ज़ोरदार अभिनंदन किया। अध्यक्ष सरस वाजपेई और महामंत्री शैलेश अवस्थी ने उन्हें शॉल उढ़ाकर, अभिनन्दन पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पूरी टीम ने उनका माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। उपाध्यक्ष गौरव सारस्वत, मंत्री मोहित दुबे, शिवराज साहू, कोषाध्यक्ष सुनील साहू, मयंक मिश्रा, अभिषेक मिश्र, दीपक सिंह, उत्सव शुक्ला, गगन पाठक, रोहित निगम, राहुल मिश्र, अंकित शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार आलोक पांडे, कुशाग्र पांडे, ज्ञानेंद्र मिश्र, अमित सिंह, रवि शर्मा, अभिषेक वर्मा, कुशाग्र अवस्थी आदि मौजूद रहे।
