बुधवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक बार फिर हालात बिगड़ गए। भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) को एक कट्टरपंथी ग्रुप ने निशाना बनाया है। यह ग्रुप जुलाई 2024 के विद्रोह से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसने भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च निकाला और प्रदर्शन किया। घटनास्थल से चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च करते हुए पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ रहे हैं।
हाल के दिनों में भारत और भारतीय राजनयिकों के खिलाफ धमकियां जारी की गई हैं, जिसके चलते दिल्ली में बुधवार को भारत ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब किया और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के हाई कमिश्नर रियाज हमिदुल्लाह को तलब कर बांग्लादेश में बिगड़ते सुरक्षा माहौल पर चर्चा की थी।
बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के नेता हसनत अब्दुल्लाह ने सार्वजनिक भाषण में भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए, जिसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों को अलग करने और अलगाववादी तत्वों को शरण देने की धमकी शामिल थी।
इस घटना पर भारत की प्रतिक्रिया त्वरित और कड़ी रही। भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह को तलब किया और ढाका में भारतीय मिशन की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई। MEA ने कहा कि चरमपंथियों द्वारा फैलाई जा रही झूठी कहानियों को भारत पूरी तरह खारिज करता है। बयान में आगे कहा गया कि भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। भारत बांग्लादेश में शांति, स्थिरता और स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करता है।
बांग्लादेश के बिगड़ते हालातों को देख सुरक्षा कारणों से भारत ने ढाका में भारतीय वीजा आवेदन केंद्र (IVAC) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, ढाका स्थित भारतीय वीजा आवेदन केंद्र को बुधवार दोपहर 2:00 बजे बंद कर दिया गया।
