भारत और अमेरिका के मध्य हुआ व्यापार समझौता

भारत और अमेरिका के मध्य व्यापार समझौता हो गया है, इसकी घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ट्रुथ सोशल से की है। इसी के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें विश्व में शांति के लिए प्रयासरत व्यक्ति के रूप में संबोधित किया है। आईये समझते हैं कि भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का भारत की आर्थिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
भारत विकासशील देश है और भारत की 46% कार्यशील जनसंख्या कृषि क्षेत्र में लगी हुई है कृषि क्षेत्र का भारत की जीडीपी में योगदान 18 से 19% है जबकि निर्माण क्षेत्र में कुल कार्यशील जनसंख्या का 11% कार्यरत है। इसका जीडीपी में योगदान 28% के आसपास है। सेवा क्षेत्र में कार्यशील जनसंख्या की भागीदारी लगभग 20% है। इसका भारत की जीडीपी में योगदान 54 से 55% है। इसी प्रकार यूटिलिटी क्षेत्र का जीडीपी में योगदान 1 से 2% है जबकि इसमें  भारत की कुल कार्यशील जनसंख्या का 13 से 14% भाग कार्यशील है। भारत – अमेरिका के मध्य हुए समझौते में भारत ने अपना कृषि क्षेत्र और डेयरी क्षेत्र को  व्यापार के लिए नहीं खोला है। क्योंकि इस क्षेत्र में भारत के अधिकांश लोगों को और ग्रामीण क्षेत्र को रोजगार प्राप्त हुआ है।
जबकि अमेरिका ने अपना  टैरिफ जो भारतीय वस्तुओं पर  50%  था से घटाकर के 18% कर दिया है। अब इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि भारतीय वस्तुएं अमेरिका में पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, वियतनाम की तुलना में सस्ती होंगी। भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र, भारी इंजीनियरिंग क्षेत्र एवं जेम्स व ज्वेलरी क्षेत्र को लाभ मिलने की संभावना है। इसी का परिणाम है कि इस समझौते की घोषणा होते ही भारत के शेयर बाजार मे लगभग 2000 अंकों की वृद्धि हो गई। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र की बात करें तो भारत का जो तेजस प्रोजेक्ट है उसमें तेजस एम के-1ए तथा एम के -2 ए लिए इंजनों के आपूर्ति में तेजी आएगी जिससे भारत का रक्षा क्षेत्र भी मजबूत होगा।
भारत को अमेरिका अपने उन्नत हथियार भी अब जल्दी से डिलीवर करेगा क्योंकि व्यापार में बातचीत  जो ठप पड़ी थी जिससे इन वस्तुओं पर भी इसका असर आ रहा था। इसके अलावा भारत को अमेरिका से जटिल प्रौद्योगिकी जिसमें  रेयर अर्थ मेटल की रिफायनिंग,सेमीकंडक्टर तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि तकनीक के शामिल हैं के भारत को प्राप्त होने की संभावना है।
हालांकि भारत और अमेरिका के बीच 120 अरब डॉलर से लेकर 150 अरब डॉलर के मध्य का जो व्यापार है  उसको भी ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। इस प्रकार देखा जाए तो भारत और अमेरिका के मध्य हुआ व्यापार समझौता दोनों देशों के मध्य रक्षा तकनीक एवं रणनीतिक संबंधों को भी मजबूत करने का कार्य करेगा व भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में सहयोग प्रदान करेगा।
बाल गोविन्द साहू (लेखक) – कानपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
वंदे मारतम् के अपमान पर नहीं थम रहा बवाल, अब सोनिया गांधी, राहुल और खरगे के खिलाफ मुंबई पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई शिकायत | उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़ जैसे हालत, दर्शन के लिए लगी लाइन में करंट की अफवाह पर मची अफरा-तफरी; कई श्रद्धालु घायल | बहुविवाह पर CM हिमंता का सख्त एक्शन, कहा - जिन कर्मचारियों ने पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी की, उनकी सैलरी में होगी 20% कटौती | पश्चिम बंगाल के होटल में भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की मौत पर PM ने जताया शोक, कहा- जान गंवाने की खबर सुनकर अत्यंत दुखी हूं, अपनों को खोने वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं, घायल जल्द स्वस्थ हों
Advertisement ×