
पंकज कुमार मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी
दिल्ली के सीएम और गठबंधन में शराब घोटालों के आरोपी और सबसे विवादित व्यक्ति अरविन्द केजरीवाल एक बार फिर सुर्खियों में है। वैसे बवाल और केजरीवाल एक दूसरे के पूरक शब्द कहे जा सकते है। केजरीवाल के दिल्ली फतह के बाद से आम आदमी पार्टी सिर्फ आपसी खींचातानी के लिए सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर चुकी है। पहले खेमे से लालच किए बगैर डॉ कुमार विश्वास खिसक लिए फिर राघव चड्ढा भी विवाह करके लगभग फ्रंट राजनीति से बाहर है इन सबके बीच मनीष सिसौदिया और संजय सिंह को जेल हुईं और अंत में अरविन्द केजरीवाल खुद तिहाड़ घूम आए और ज़ब जज साहब को लगा कि बन्दे को बाहर लाना चाहिए तो बेल मिली और उसके दो दिन बाद अपने ही पार्टी के राज्यसभा सांसद को ऑफिस बुलाकर लतिया दिया गया। 13 मई को केजरीवाल के घर क्या हुआ ? स्वाति मालीवाल के आरोपों पर आतिशी मरलोनी ने पत्रकार सम्मेलन करके कहा कि वीडियो तो अब देश के सामने है, जिसमें साफ दिख रहा है कि आम आदमी पार्टी की जड़ो में खुद आपियों ने ही मट्ठा डाल दिया है। आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले में आम आदमी पार्टी की तरफ से सफाई दी गई जो नाकाफी दिख रहीं। दिल्ली सरकार में मंत्री और आप प्रवक्ता आतिशी ने कहा कि जो वीडियो सामने आया है उसमें साफ दिख रहा है कि स्वाति मालीवाल ने अपने एफआईआर में जो भी आरोप लगाए हैं, वो बिल्कुल गलत है।आतिशी ने कहा कि वीडियो तो अब देश के सामने है, जिसमें साफ दिख रहा है कि स्वाति सीएम हाउस में आराम से ड्राईंग रूम में सोफे पर बैठी हैं और सुरक्षाकर्मियों से तथा बिभव कुमार से ऊंची आवाज में बात कर रही हैं।
आप प्रवक्ता के पास बचाव का और कोई उपाय नहीं था तो उन्होंने कहा कि स्वाति मालीवाल आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद हैं पर वह भाजपा के लिए काम कर रहीं थी । उन्हें ये पता है कि मुख्यमंत्री के रोजाना कई कार्यक्रम होते हैं, तो वो हर वक्त मौजूद नहीं रह सकते पर स्वाति के मुताबिक केजरीवाल ऑफिस में मौजूद थे । अतिशी ने कहा स्वाति मालीवाल बिना अनुमति के सीएम आवास पहुंच गई थीं और जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को धमकाया तो मोहतरमा अतिशी आप बताओ कि किस सांसद को अपने ही पार्टी सुप्रीमो से मिलने के लिए भारी अपॉइंटमेंट की जरुरत होती है ! ऐसे दलील साफ बता रहें की कुछ तो गड़बड़ है। खैर बतौर मालीवाल गार्ड्स ने पहले जाने को कहा फिर अंदर से गाली आई और तब फोन पर बिभव कुमार को बुलाया, और उन्होंने जब जाने के लिए गाली दिया तो मैंने प्रतिरोध किया इसके बाद लात मुक्को से पिटाई किया गया ऐसा रिपोर्ट कॉपी में लिख कर दिया गया। आम आदमी पार्टी ने हास्यास्पद बयान देते हुए अपने गले की हड्डी भाजपा के गले में डालने की कोशिश करते हुए कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को फंसाने की साजिश भाजपा की है अर्थात ऑफिस में जाने से पूर्व स्वाति भाजपा की सांसद थी ! गजब चापलूसी करती है आतिशी मरलोनी जी आप भी ! आतिशी ने कहा कि स्वाति मालीवाल बिना पूर्व सूचना के मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं थी, उनकी मंशा अरविंद केजरीवाल के विरूद्ध आरोप लगाना था। स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया कि उन पर बेरहमी से हमला किया गया। आप ने कहा कि स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने पर जोर दिया था, उनके सहयोगी बिभव कुमार ने कहा था कि मुख्यमंत्री व्यस्त हैं। सांसद ने चीखना शुरू कर दिया और अंदर दाखिल होने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि स्वाति मालीवाल से बदसलूकी का मामला भाजपा की साजिश है, मुख्यमंत्री केजरीवाल को फंसाने के लिए मालीवाल को चेहरा बनाया गया है। आप नेता स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल के सहयोगी विभव कुमार पर सिविल लाइन्स स्थित दिल्ली सीएम हाउस के घर के अंदर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।ये पूरा मामला 13 मई का है। रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 9 बजे स्वाति मालीवाल सीएम हाउस पहुंची थीं। आरोप है कि बिभव कुमार ने उनके साथ बदसलूकी की। इस घटना क 3 दिन बाद 16 मई की दिल्ली पुलिस ने स्वाति मालीवाल के घर जाकर उनका बयान दर्ज किया। स्वाति मालीवाल की शिकायत के आधार पर गुरुवार को बिभव कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इधर स्वाति मालीवाल से बदसलूकी और मारपीट मामले की जांच करने दिल्ली पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ सीएम केजरीवाल के घर पहुंची। पुलिस 13 मई की घटना का रीक्रिएशन करेगी और ये जानने की कोशिश करेगी कि उस दिन केजरीवाल के आवास पर क्या हुआ था ? पुलिस स्वाति के साथ ड्राइंग रूम की पूरी मैपिंग की और स्वाति से पूछा जा रहा है कि 13 मई जो जब उनसे बदसलूकी हुई तो कितने शख्स ड्राइंग रूम में थे और कौन शख्स किस जगह मौजूद था। टीम ड्राइंग रूम का नक्शा तैयार करेगी, जो पुलिस की केस डायरी का हिस्सा होगा।
