समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को एक बार फिर जोरदार कानूनी झटका लगा है। आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पासपोर्ट रखने से जुड़े मामले में 7 साल की सजा के साथ 50 हजार का जुर्माना लगाया है। यह फैसला रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट के जज शोभित बंसल ने सुनाया है।
यह मामला 2019 में सिविल लाइन थाने में दर्ज किया गया था और भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने दर्ज कराया था। आपको बता दें कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पहले से ही पैन कार्ड मामले में जेल की सजा काट रहे है।
क्या है अब्दुल्ला आजम का मामला?
गौरतलब है कि यह मामला साल 2019 का है। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना से साल 2019 में सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अब्दुल्ला आजम पर दो अलग-अलग पासपोर्ट इस्तेमाल करने और बनवाने का आरोप था।
दो पासपोर्ट मामले में कई गंभीर धराएं तय
दो पासपोर्ट मामले रखने और उनके गलत इस्तेमाल को लेकर अब्दुल्ला आजम के ऊपर भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराएं तय हैं। उनके ऊपर 420 धारा (धोखाधड़ी) के अलावा, 468-471 आदि मामले में दोषी माना गया है, जिसके बाद कोर्ट ने 7 साल की सजा के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अब्दुल्ला आजम पासपोर्ट मामले में फैसला उस समय आया है, जब खुद आजम खान और बेटे अब्दुल्ला आजम, दोनों ही पहले से पैन कार्ड मामले में रामपुर जेल में बंद है। अब यह सजा पिता-पुत्र के लिए तगड़ा कानूनी झटका लगा है। यह फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें सज़ा सुनाई गई।
