एक अहम घटनाक्रम में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगाकर उन्हें बड़ी राहत दी। कोर्ट के आदेश मामले में अगली सुनवाई तक ज़बरदस्ती कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी गई है। राहत की मांग वाली याचिका चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच दायर की गई थी, और बेंच ने अधिकारियों को शंकराचार्य के खिलाफ तुरंत कोई कार्रवाई न करने का निर्देश दिया।
मेडिकल जांच रिपोर्ट से जुड़े दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एक मेडिकल रिपोर्ट हमारी संलिप्तता कैसे साबित कर सकती है? कहा जा रहा है कि रिपोर्ट में गलत काम साबित हुआ है। यह किसी का बयान हो सकता है, लेकिन इतने दिनों बाद की गई मेडिकल रिपोर्ट का क्या मतलब है?” उन्होंने कहा कि अगर कोई गलत काम हुआ भी होता, तो इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि कौन ज़िम्मेदार था। उन्होंने कहा, “जो बच्चा कभी हमारे पास नहीं आया, उसे आसानी से हमारे नाम से नहीं जोड़ा जा सकता।
