पिछले साल दिल्लीवासियों को 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के साइबर अपराधों की मार झेलनी पड़ी, जिसके बीच दिल्ली पुलिस ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में ई-एफआईआर दर्ज करने की सीमा 10 लाख रुपये से घटाकर 1 लाख रुपये कर दी है। इस कदम का उद्देश्य त्वरित निवारण और मज़बूत डिजिटल पुलिसिंग सुनिश्चित करना है। एक अधिकारी ने गुरुवार को घोषणा की कि 1 नवंबर से, 1 लाख रुपये या उससे अधिक की ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार अब ई-एफआईआर दर्ज करा सकेंगे। यह नई सुविधा, जो पहले केवल 10 लाख रुपये या उससे अधिक की धोखाधड़ी के मामलों पर ही लागू होती थी, अब कम राशि की धोखाधड़ी के शिकार लोगों के लिए राष्ट्रीय राजधानी के किसी भी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराना आसान बना देगी।
उन्होंने कहा कि दूसरी बड़ी विशेषता यह है कि पीड़ित अब पुलिस स्टेशन जाकर नए स्थापित एकीकृत हेल्प डेस्क कर्मचारियों की सहायता से ई-एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ई-एफआईआर को आगे की जाँच के लिए संबंधित साइबर पुलिस स्टेशन भेज दिया जाएगा। विशेष पुलिस आयुक्त ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर के अलावा, राष्ट्रीय राजधानी में हमारे कुल 225 पुलिस स्टेशन हैं जहाँ पीड़ित आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे हमें साइबर संबंधी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने के लिए अतिरिक्त कार्यबल मिलता है।
