EC के फैसले पर स्टे लगाने से SC का इनकार, हिजाब मामला फिर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जानें इस हफ्ते कोर्ट में क्या कुछ हुआ

सुप्रीम कोर्ट से लेकर लोअर कोर्ट तक के वीकली राउंड अप में इस सप्ताह कानूनी खबरों के लिहाज से काफी गहमा-गहमी वाला है। जहां एक तरफ हिंडनबर्ग अडानी विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को रिपोर्टिंग से रोकने की मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। वहीं शिवसेना उद्धव गुट को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। इलाहबाद हाई कोर्ट ने कानपुर अग्निकांड मामले में यूपी सरकार से जवाब मांगा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने पलानीस्वामी को अन्नाद्रमुक के अंतरिम महासचिव के रूप में बने रहने की अनुमति दी। असम सरकार के एक्शन पर कोर्ट सख्त नजर आया है। हिजाब मामला सुप्रीम कोर्ट में फिर से पहुंचा। ऐसे में आज आपको सुप्रीम कोर्ट से लेकर लोअर कोर्ट तक इस सप्ताह यानी 20 फरवरी से 24 फरवरी 2023 तक क्या कुछ हुआ। कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट और टिप्पणियों का विकली राउंड अप आपके सामने लेकर आए हैं। कुल मिलाकर कहें तो आपको इस सप्ताह होने वाले भारत के विभिन्न न्यायालयों की मुख्य खबरों के बारे में बताएंगे।

मीडिया पर नहीं लगा सकते रोक

सुप्रीम कोर्ट ने 24 फरवरी को अडानी-हिंडनबर्ग मामले पर मीडिया को रिपोर्टिंग से रोकने का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज कर दी। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने याचिका खारिज करते हुए कहा, “हम मीडिया को कोई निषेधाज्ञा जारी नहीं करने जा रहे हैं। इस मामले को अधिवक्ता एमएल शर्मा ने चर्चा के समय उठाया, जिन्होंने कहा कि हर दिन नए घटनाक्रम होते हैं। उन्हें जवाब देते हुए, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि शीर्ष अदालत मामले पर आदेश पारित करेगी और “हमें जो करना है वह करेंगे।

पलानी ही AIADMK के ‘स्वामी’

सुप्रीम कोर्ट ने 23 फरवरी को मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें एडप्पादी पलानीस्वामी (ईपीएस) को अन्नाद्रमुक के अंतरिम महासचिव के रूप में बने रहने की अनुमति दी गई थी। शीर्ष अदालत ने आगे कहा कि इस आदेश का ओपीएस और ईपीएस के बीच विवाद के संबंध में उच्च न्यायालय में लंबित मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ईपीएस गुट के समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जश्न मनाया और चेन्नई में सड़कों पर उतर आए।

सुप्रीम कोर्ट में फिर से कर्नाटक हिजाब मामला

कर्नाटक की छात्राओं के एक समूह ने हिजाब पहनकर परीक्षा देने की अनुमति की मांग को लेकर तत्काल सुनवाई के लिए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कर्नाटक में प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा 9 मार्च से शुरू होने की उम्मीद है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ ने छात्र याचिकाकर्ताओं को आश्वासन दिया कि वह इस मामले को देखेंगे और एक पीठ का गठन करेंगे।

निर्वाचन आयोग के आदेश पर रोक लगाने से SC का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने सीएम एकनाथ शिंदे खेमे से महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा दायर याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता देने और पार्टी का नाम आवंटित करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत ने शिंदे गुट को असली शिवसेना मानने वाले चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने ठाकरे की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की दलीलों पर गौर किया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े से जवाब मांगा।

कानपुर अग्निकांड पर सख्त हुआ हाई कोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को 13 फरवरी को कानपुर देहात जिले में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक मां-बेटी की मौत की जांच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय ने इस मुद्दे पर राज्य के गृह सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा भी मांगा है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने सुनवाई की अगली तारीख 16 मार्च तय की।

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