मोदी 3.0 के शपथ ग्रहण के बाद से ही नई सरकार फुल एक्शन मोड में नजर आ रही है। पीएम मोदी की तरफ से आज सुबह अपना काम संभालने के साथ ही किसान सम्मान निधि को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। शाम होते होते मोदी सरकार ने अब पीएम आवास योजना को और एक्सटेंड करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम अपनी नई कैबिनेट की पहली बैठक की है। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत 3 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण और शहरी परिवारों को घर बनाने के लिए सहायता प्रदान करेगी। पात्र परिवारों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए आवास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
10 साल में 4.21 करोड़ घर बन चुके हैं। प्रधानमंत्री ने खुद इस बात की घोषणा बीजेपी के मेनिफेस्टो को रिलीज करते हुए कही थी। अधिकारियों ने कहा कि आज कैबिनेट की बैठक में पात्र परिवारों की संख्या में वृद्धि के कारण उत्पन्न होने वाली आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तीन करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण और शहरी परिवारों को घर बनाने के लिए सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। पीएमएवाई के तहत निर्मित सभी घरों को केंद्र और राज्य सरकारों की अन्य योजनाओं के साथ अभिसरण के माध्यम से घरेलू शौचालय, एलपीजी कनेक्शन, बिजली कनेक्शन और कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना
वित्तीय वर्ष 2015-16 से, भारत सरकार बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित घरों के निर्माण में पात्र ग्रामीण और शहरी परिवारों की सहायता के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (पीएमएवाई) लागू कर रही है। पिछले एक दशक में, इस पहल के तहत कुल 4.21 करोड़ घर पूरे हो चुके हैं, जिससे देश भर के गरीब परिवारों को लाभ हुआ है। पीएमएवाई के तहत निर्मित घर न केवल आश्रय हैं, बल्कि घरेलू शौचालय, एलपीजी कनेक्शन, बिजली कनेक्शन और कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन जैसी आवश्यक सुविधाओं के साथ आते हैं।
