कानपुर। डीबीएस महाविद्यालय में गीता जयंती के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मानव श्रृंखला एवं गीता पाठ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार मिश्रा ने गीता के महात्म्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि गीता में कर्मयोग, ज्ञान योग, भक्तियोग का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। आज विश्व के अनेक देशों में गीता पर शोधपीठ एवं अध्ययनशालाएं बनी हैं।
संस्कृत विभाग की प्रभारी प्रो. प्रीति राठौर ने गीता के अनेक श्लोकों का वाचन किया और छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म से विमुख अर्जुन को कर्म में प्रवृत्त होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गीता के ज्ञान से जीवन-प्रबंधन, समाज प्रबंधन व राज्य प्रबंधन का संदेश मिलता है।
इस अवसर पर छात्रों द्वारा गीता के संदेश को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुईं।
