उत्तर प्रदेश का संभल जिला एक बार फिर सुर्खियों में है. हाल ही में ईद के जश्न के बाद अब यहां हिंदू समुदाय में रामनवमी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. लगभग पांच दशकों के बाद यहां सनातन परंपराओं को पूरी भव्यता के साथ मनाने की तैयारियां चल रही हैं. संभल में पिछले कुछ महीनों में धार्मिक आयोजनों का माहौल पूरी तरह बदल चुका है. पहले महाशिवरात्रि की धूम रही.. फिर होली का उल्लास देखने लायक था. नवरात्रि में भी शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा. अब रामनवमी को लेकर विशेष तैयारियां हो रही हैं. जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है.
इस बार रामनवमी पर संभल को अयोध्या की तरह सजाने की योजना बनाई गई है. शहर में जगह-जगह भगवान श्रीराम की भव्य मूर्तियों की स्थापना हो रही है. इसके अलावा विशाल शोभायात्रा निकाले जाने की तैयारी भी चल रही है. जिसमें भगवान राम के जीवन से जुड़ी झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी. श्रद्धालुओं के लिए राम कथा, भजन संध्या और सुंदरकांड पाठ का भी आयोजन किया जाएगा.
संभल में रामनवमी को लेकर राम भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीराम दरबार और बजरंगबली की मूर्तियों की मांग कर रहे हैं. इस मांग को पूरा करने के लिए राजस्थान के कुंभलगढ़ से कई मूर्तिकार परिवार यहां पहुंचे हैं और दिन-रात मूर्तियों के निर्माण में लगे हुए हैं.
संभल में हाल ही में जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हिंसा हुई थी जिसके बाद से प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. नवरात्रि और रामनवमी को देखते हुए योगी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पूरे जिले में पुलिस का कड़ा पहरा है और लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. संभल की प्राचीन सिद्धपीठ श्रीचामुंडा देवी मंदिर में नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. मंदिर को भव्य लाइटिंग और फूलों से सजाया गया है. रामनवमी पर यहां विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होगा. जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में सनातन परंपराओं के पुनर्जागरण पर किसी भी तरह की अड़चन बर्दाश्त नहीं की जाएगी. संभल में हिंदू पर्वों के पुनर्स्थापन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी प्रकार के अवरोध को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. 47 साल बाद संभल में रामनवमी का पर्व ऐतिहासिक रूप से मनाया जाएगा. स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि इस बार का उत्सव बेहद भव्य और यादगार रहेगा.
