पंजाब की सियासत में हलचल तेज हैं, क्योंकि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पूर्व कांग्रेस विधायक नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निलंबित कर दिया है। अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करने के आरोप में यह बड़ी कार्रवाई की गई है। इससे पंजाब कांग्रेस के अंदरूनी कलह ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इसी बीच हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने भी नवजोत कौर सिद्धू के निलंबन पर बयान देते हुए कहा कि यह तो कांग्रेस का फॉर्मूला रहा है। अनिल विज ने जिस फॉर्मूले की बात कही उससे पार्टी में छिपी अंदर की बातें बाहर आ रही है। वहीं, नवजोत कौर ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि ‘कांग्रेस में 4-5 लोग हैं जो पार्टी को बर्बाद कर रहे हैं।’
दरअसल, यह फैसला अचानक नहीं था। काफी समय से चल रहे विवाद और हाल के नवजोत कौर सिद्धू के बयानों के बाद पार्टी आलाकमान ने ये फैसला लिया है। ‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’ वाले बयान के चलते कांग्रेस से निलंबित की गईं नवजोत कौर सिद्धू ने साफ कहा है कि वह और उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू हमेशा कांग्रेस पार्टी के साथ रहेंगे। हालांकि उन्होंने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर तीखा हमला किया है। नवजोत ने वडिंग पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया। बता दें कि नवजोत को हाल ही में कहा था कि ‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’ लगते हैं। उनके इस बयान से राजनीतिक हंगामा मच गया था।
हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने नवजोत कौर सिद्धू के निलंबन पर कहा- ‘उन्होंने कांग्रेस के अंदर की परंपरा को सबके सामने रखा, उन्होंने लोगों को इतनी छिपी और गहरी बात बताई कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री कैसे बनते हैं, इसलिए उन्हें सच बोलने के लिए पार्टी से निकाल दिया गया और शायद इसीलिए वह राहुल गांधी से मिलकर उन्हें बताने जा रहे हैं कि यह तो पार्टी का फॉर्मूला है, तो हमने क्या गलत कहा।’
हालांकि, बाद में नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया पर सफाई दी कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और कांग्रेस ने उनसे कभी पैसे कभी नहीं मांगे। लेकिन तब तक पार्टी हाईकमान ने उन्हें निलंबित करने का फैसला ले लिया था। फिलहाल पंजाब में नवजोत कौर के बयान को लेकर घमासान जारी है, वहीं इन सब बयान ने सिद्धू दंपति और कांग्रेस के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को उजागर कर दिया है।
