धारा 163 तत्काल प्रभाव से कानपुर नगर की सीमा में लागू

कानपुर। संयुक्त पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, कानपुर नगर श्री आशुतोष कुमार ने आगामी त्योहारों एवं कार्यक्रमों के साथ-साथ वर्तमान समय में जनपद की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, कानून-व्यवस्था के बेहतर अनुपालन एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 को तत्काल प्रभाव से सम्पूर्ण पुलिस कमिश्ररेट, कानपुर नगर की सीमा में लागू कर दिया है।
इस आदेश के अंतर्गत किसी भी वक्ता, व्यक्ति अथवा राजनैतिक दल को धर्म, जाति अथवा व्यक्ति विशेष के विरुद्ध भड़काऊ अथवा आपत्तिजनक वक्तव्य देने, साम्प्रदायिक उन्माद या जातीय संघर्ष भड़काने वाले किसी भी ऑडियो/वीडियो सामग्री के प्रयोग या दूसरों को ऐसा करने हेतु प्रेरित करने की अनुमति नहीं होगी।
किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर आग्नेयास्त्र, तलवार, भाला, करौली, काता, 5 सेमी से बड़ा चाकू, लाठी-डंडा अथवा अन्य किसी भी प्रकार का घातक हथियार लेकर चलने की मनाही रहेगी। केवल बीमार व्यक्ति, जिन्हें सहारे के लिए छड़ी आवश्यक है, वैध लाइसेंसी शस्त्र के नवीनीकरण हेतु जाने वाले व्यक्ति तथा ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
बिना अनुमति किसी को भी पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का समूह बनाकर सार्वजनिक स्थान पर एकत्र होने, जनसभा, जुलूस, नुक्कड़ सभा या प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध विवाह, शवयात्रा आदि पर लागू नहीं रहेगा।
कोई भी व्यक्ति उत्तेजक नारेबाजी या भाषण देकर किसी की भावनाओं को आहत करने अथवा साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास नहीं करेगा। साथ ही द्वेष फैलाने वाले बैनर, पोस्टर, होर्डिंग, अश्लील नृत्य, नाटक, गाना, आडियो-वीडियो सामग्री के प्रयोग पर भी पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।
माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद/लखनऊ द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग संबंधी निर्देशों का पालन सभी को अनिवार्य रूप से करना होगा। कमिश्ररेट क्षेत्र में दो से अधिक लाउडस्पीकर के प्रयोग हेतु पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा, तथा बाहर से लाए जाने वाले डी.जे./स्पीकर आदि के लिए भी आयोजकों को अनुमति लेकर उसकी प्रति थाने में जमा करनी होगी।
रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक किसी भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उच्च न्यायालय एवं शासन के निर्देशानुसार औद्योगिक, वाणिज्यिक, आवासीय एवं शांति क्षेत्रों के लिए निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
आगामी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु परीक्षा केन्द्रों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की गई है। परीक्षा केन्द्र की बाउंड्रीवाल से 100 मीटर की परिधि के भीतर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा तथा परीक्षा केन्द्रों से 200 मीटर की परिधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर निषेध रहेगा।
इसके अतिरिक्त किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थान पर ईंट, पत्थर, ज्वलनशील पदार्थ अथवा विस्फोटक सामग्री एकत्रित करना प्रतिबंधित है, जिससे जनसुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता हो।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से 29 अगस्त, 2025 से लागू होकर 27 अक्टूबर, 2025 तक प्रभावी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि परिस्थितियों के अनुसार बढ़ाई जा सकेगी।
कोई भी व्यक्ति, संस्था अथवा पक्ष इस आदेश में छूट अथवा शिथिलता हेतु पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त अथवा चारों जोन के पुलिस उपायुक्तों के समक्ष विधिवत आवेदन कर सकता है। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

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