कानपुर। एलिम्को में एडिप स्कीम के तहत दिव्यांगजन को मिलने वाले उपकरणों में भ्रष्टाचार हो रहा है। मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल के लिये पंजिकृत दिव्यांग शैलेन्द्र कुमार दिनांक 15 मार्च को वितरण कैम्प में नहीं पहुँच सके थे, बाद में उपकरण के लिए एलिम्को जाने पर कह दिया गया कि मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल वितरित कर दी गयी है। ये कोई पहली घटना नहीं है इसी तरह पहले भी विजय नगर की गोमती वर्मा का सी.टी.आई. में वर्ष 2023 में मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल के लिये पंजीकरण एलिम्को ने किया था, इसके बावजूद गोमती वर्मा को यह कह कर मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल नहीं दी गयी थी। एलिम्को ने यह कह कर ट्राई साईकिल देने के मना कर दिया था कि उनको पूर्व में वितरित की जा चुकी है।
न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन के मोबाईल कोर्ट में वाद दायर करने के बाद एलिम्को ने गोमती वर्मा को मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल उपलब्ध कराया था।राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने एलिम्को महाप्रबन्धक को पत्र भेजकर इसकी शिकायत दर्ज कराया था। जिसके जवाब में एलिम्को वरिष्ठ प्रबन्धक विपणन अनुपम प्रकाश ने शैलेन्द्र कुमार को 15 मार्च 2024 को उपकरण प्राप्त कराने की जानकारी दी है। वीरेन्द्र कुमार ने एडिप स्कीम के तहत हो रहे भ्रष्टाचार की जांच के लिए सचिव समाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय नई दिल्ली को लिखा है।
एलिम्को के वरिष्ठ प्रबन्धक अनुपम प्रकाश ने अपनी सफाई में कहा है कि कई बार दिव्यांगजन द्वारा स्लिप/टोकन लाना किसी कारण से भूल जाते हैं या फिर टोकन/स्लिप खो गया हो, उस स्थिति में दिव्यांगजनों की स्थिति को देखते हुए विशेष परिस्थितियों मे आधार कार्ड/ यू.डी.आई.डी.कार्ड से सत्यापन के उपरान्त भी उपकरणों का वितरण कर दिया जाता है। कुल मिलाकर एलिम्को इस भ्रष्टाचार को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। भ्रष्टाचार के शिकार दिव्यांगजन को ही चोर साबित करने में लगा है। राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी की बैठक शास्त्री नगर सेन्ट्रल पार्क मे सम्पन्न हुई जिसमे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने कहा है कि एलिम्को के भ्रष्टाचार के मामले की उच्च स्तरीय जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही होनी चाहिए। यदि कार्यवाही नहीं होती है तो एलिम्को के खिलाफ आन्दोलन शुरू किया जायेगा।
