कानपुर। हमारे वरिष्ठ नागरिक, विज्ञान, चिकित्सा मनोविज्ञान,नागरिक अधिकारों और बहुत कुछ के क्षेत्र में अग्रणी है हमारे समुदायों में उनके बहुमूल्य योगदान से रहने के लिए बेहतर जगहे बनती है वह अपनी उपलब्धियों से अर्जित सम्मान और गरिमा के हकदार हैं यह दिवस वरिष्ठ नागरिकों को अपना जीवन पूरी तरह से और यथासंभव एवं स्वतंत्र रूप से जीने के लिए प्रोत्साहित करता है उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में वर्ल्ड सीनियर सिटिजन डे के अवसर पर आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान कार्यक्रम में अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख, एवं एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी ज्योति बाबा ने कही।
ज्योति बाबा ने आगे कहा कि आज बच्चों के नशाखोरी के चलते परिवार में बुजुर्गों का जीवन निरंतर कष्ट में होता जा रहा है क्योंकि जिस उम्र में बच्चों से सेवा की आशा परिवार के बुजुर्ग रखते हैं उस उम्र में बच्चों द्वारा नशे के रोग के कारण हर दिन सामाजिक, शारीरिक,मानसिक व आर्थिक कष्ट उठाना पड़ रहा है जबकि विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस 2025 की थीम है समावेशी भविष्य के लिए बुजुर्गों की आवाज को सशक्त बनाना है।
राष्ट्रीय संयोजक डॉक्टर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि इस थीम का उद्देश्य समाज में वृद्धजनों के योगदान को पहचानना उनकी जरूरत को सुनना और उनके अनुभवों और ज्ञान को महत्व देना है। सम्मानित होने के बाद वरिष्ठ नागरिक गिरधर गर्ग व राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि परिवार में बच्चों की नशाखोरी के कारण ज्यादा से ज्यादा परिवार में बच्चों की अति महत्वाकांक्षा एवं नशाखोरी के कारण ज्यादा से ज्यादा बुजुर्ग आए दिन पीड़ा उठा रहे हैं, इसीलिए हम लोग ज्योति बाबा के नशा मुक्ति परिवार अभियान से जुड़कर युवाओं को नशे के रोग में फंसने से रोकने का कार्य बाबा के दिशा निर्देशन में कर रहे हैं।
डां सुलोचना दीक्षित व गीता जी ने कहा कि जवानी की स्वास्थ्यप्रद आदतें बुढ़ापे को खुशगवार बनाती हैं इसीलिए अपने जीवन से अभी नशे को बाहर करें वरना आपका बेटा ही आपको चौराहे पर खड़ा कर देगा। अन्य प्रमुख नवीन गुप्ता, विकास गौड एडवोकेट, रोहित कुमार, श्रवण कुमार गुप्ता, प्रदीप बिश्नोई, सुदीप बिश्नोई इत्यादि थे।