
लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार कानून लेखक चिंतक कवि एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
आपके द्वारा दिए इस जीवन में
इन मुस्कुराहटों का हम पर एहसान है
हर लम्हा महसूस किया है
भारी वीरानी में भी जान है
इस रूहानी प्यार की चाहत
ऐसे ही खिलती रहे
यह राहत इन मुस्कुराहटों से
हर पल हमको मिलती रहे
हमारी हर सुबह तेरी मर्जी से हो
क्योंकि तू ही है जो दिनभर हमें
अपनी पनाह में रखता है
हमारा ध्यान रखता है
बस ऐसे ही अपनी रहमत करते रहो
सादगी वाला जीवन चलाते रहो
हाथों में दिए कलम को धार देना
सच्चाई पर अटल रहे ऐसी सौगात देना
झूठ फरेब अन्याय से
लड़ने की शक्ति देना
कभी कमजोर नहीं हो जाएं
ऐसी ताकत देना
हर ख़ुशी गम में तुझेसे जुड़े रहें हिम्मत देना
जब भी हमारे हृदय में
गुरूर विकार आए
अपने पास बुला लेना
