अधिकारी के घर छापा मारने आयी पुलिस, पत्नी ने नोटों से भरी तीन बोरी पड़ोसी के छत पर फेंकी, 3 करोड़ जब्त

भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस ने एक सरकारी अधिकारी के घर पर छापेमारी की। ओडिशा पुलिस ने छापेमारी के दौरान  तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद की है। ओडिशा पुलिस को लंबे समय से अधिकारी की गतिविधियों को लेकर शक था। पुलिस ने जब अचानक अधिकारी के परिसरों पर छापामारी की तो अधिकारी के पत्नी ने पुलिस की रेड से बचने के लिए नोटों से भरे तीन कट्टे अपने पड़ोसी की छट पर फेंक दिए। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि सतर्कता शाखा ने ओडिशा प्रशासनिक सेवा (ओएएस) के अधिकारी प्रशांत कुमार रौत के भुवनेश्वर स्थित घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। रौत नबरंगपुर जिले में उप कलेक्टर के तौर पर तैनात हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, जब सतर्कता शाखा के अधिकारी आरोपी अफसर के यहां कनान विहार स्थित घर पहुंचे, तो उनकी पत्नी ने नकदी से भरे छह गत्ते पड़ोसी की छत पर फेंक दिए और उनसे रकम छिपाने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि बाद में पड़ोसी के घर से सभी गत्तों को बरामद कर लिया गया और नकदी को गिनने के लिए गणना करने वाली कई मशीनों का इस्तेमाल किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, रौत के नबरंगपुर आवास से 89.5 लाख रुपये नकद और सोने के ज़ेवरात बरामद किए गए हैं। सतर्कता विभाग की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “यहराज्य में किसी सरकारी अधिकारी के यहां से सबसे ज्यादा नकद बरामदी का दूसरा मामला है।

पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) एम. राधाकृष्ण ने कहा, “हमारे अधिकारियों ने भुवनेश्वर के कानन विहार स्थित उनके आवास पर छापेमारी के दौरान छह डिब्बों में छुपाए गए 2.03 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 500 रुपये के नोट और एक बुकशेल्फ़ के पीछे छिपाए गए 10,37,000 रुपये जब्त किए हैं। इसके अलावा नबरंगपुर में उनके आधिकारिक आवास पर दो स्थानों से 76.44 लाख रुपये और 12.88 लाख रुपये बरामद किए गए। सुंदरगढ़ सतर्कता अदालत के विशेष न्यायाधीश द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर ओडिशा सतर्कता की नौ टीमें शुक्रवार को नबरंगपुर, भुवनेश्वर और भद्रक में नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं। एक बार जांच पूरी हो जाए तो हम अतिरिक्त उप-कलेक्टर द्वारा जमा की गई संपत्तियों की संख्या बता पाएंगे।

अप्रैल 2022 में, हमने कार्तिकेश्वर राउल की संपत्तियों पर छापेमारी के दौरान 3.41 करोड़ की नकदी बरामद की थी। वह गंजम जिले में लघु सिंचाई प्रमंडल में सहायक अभियंता के तौर पर तैनात थे।’’ रौत को 2018 में एक पंचायत कार्यकारी अधिकारी से एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त वह सुंदरगढ़ जिले में बीडीओ (ब्लॉक विकास अधिकारी) के पद पर कार्यरत थे।

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