महिलाओं में पेट दर्द होने पर हो सकती है ओवरी की समस्या, हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानें कैसे करें बचाव

हर महीने महिलाओं को पीरियड पेन से गुजरना पड़ता है। पीरियड के दौरान महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं। जिसके कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बता दें हर माह एक निश्चित प्रक्रिया के अंतर्गत महिलाओं के शरीर में एग रिलीज होते हैं। अंडाशय (ओवरी) के द्वारा ये एग रिलीज किए जाते हैं।

पेल्विक एरिया के दाईं और बाईं तरफ दो छोटे अंग होते हैं। वहीं कई बार महिलाओं को ओवरी से संबंधित समस्या होने के कारण पेट दर्द की समस्या होती है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको  महिलाओं की ओवरी में दर्द के कारण के बारे में बताने जा रहे हैं।

हर महीने एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत महिलाओं के शरीर में ओवरी से एग रिलीज होता है। यह महिलाओं की फर्टिलिटी की जरूरी प्रक्रिया मानी जाती है। ओवरी महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव और पीरियड्स को ट्रिगर करता है। बता दें नाभि के नीचे ओवरी का दर्द महसूस होता है। आइए जानते हैं ओवरी का दर्द होने का कारण

बता दें कि ओवेरियन सिस्ट फ्लूयड से भरी गांठ होती है। यह गांठ एक या फिर दोनों ओवरी में हो सकता है। इस स्थिति में पेट में सूजन, हल्का दर्द और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। हालांकि अधिकतर ओवेरियन सिस्ट नुकसानदायक नहीं होता है।

महिलाओं के गर्भाशय में टिशू की एक लेयर पाई जाती है। जिसे एंडोमेट्रियम कहा जाता है। जब यह टिशू गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है तो इस समस्या को एंडोमेट्रियोसिस कहा जाता है। ओवरी, पेल्विक एरिया और आंतों में यह टिशू बढ़ने लगता है। इसी समस्या की वजह से महिलाओं के एग रिलीज की प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है। यह इनफर्टिलिटी का कारण बनता है।

वर्तमान में अनियमित जीवनशैली और खाने की गलत आदतों की वजह से महिलाओं के गर्भाशय में फाइब्रॉएड की समस्या होती है। यह महिलाओं के गर्भाशय की परत के तौर पर विकसित होती है। जिसके कारण गर्भाशय में दर्द महसूस होता है। फाइब्रॉएड की समस्या होने पर महिलाओं में पीरियड्स के दौरान अधिक रक्तस्राव होता है। इस समस्या में महिलाओं को पेट में दर्द, ऐंठन आदि होती है।

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज एक तरह का इंफेक्शन होता है। यह महिलाओं की ओवरी समेत पेल्विक अंगों को प्रभावित करता है। पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज में महिलाओं की फर्टिलिटी प्रभावित होती है। इस दौरान महिलाओं को अधिक रक्तस्राव व पेट में दर्द आदि होता है।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी गर्भधारण से जुड़ी हुई समस्या होती है। बता दें कि ऐसी स्थिति में गर्भाशय की परत की बजाय फर्टिलाइज एग फैलोपियन ट्यूब व एब्डोमिनल कैविटी के पास बढ़ने लगता है। जिसके कारण ओवरी में गंभीर दर्द होने लगता है। इस कारण महिलाओं को रक्तस्राव, थकान, कमजोरी आदि भी महसूस हो सकती है। वहीं पेट में दर्द होने के कारण ओवरियन ट्यूमर, ओवरी कैंसर, पीरियड्स और ओवूलेशन आदि का दर्द भी हो सकता है। अगर पेट में तेज दर्द की समस्या होती है तो आपको फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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