भावनानी के भाव – साहित्य राष्ट्र की महानता

लेखक, चिंतक कवि, एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
साहित्य राष्ट्र की महानता
और वैभव का दर्पण होता है
साहित्य को आकार देने में संस्कृति
और परंपराओं का महत्वपूर्ण रोल होता है
साहित्य का ख़जाना भारत में अनमोल है
साहित्य को जीवंतमय बनाने में
प्रिंट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का महत्वपूर्ण रोल है
कायम रखने में हमारे पूर्वजों का विशेष रोल है
सच्चाई को लेखनी से सलाम करते हैं
उनकी लेखनी अस्त्र महत्वपूर्ण कलम है
बुराई का धागा तीव्र कलम अस्त्र से काटते हैं
लेखक कवि बुद्धिजीवी पत्रकार को सलाम है
जो साहित्य और कविताएं सामाजिक कल्याण
पर केंद्रित है वह कालजई होती है
यही कारण है रामायण और महाभारत
जैसे महाकाव्य आज भी हमें प्रेरणा देते हैं
हमारे भारत के ज्ञान भण्डार में इतनी जबरदस्त
एवं चमत्कारिक बातें छिपी हुई हैं,
हम यह सोचने पर विवश हो जाते हैं कि
विराट ज्ञान हमारे पास कहां से सवालिया निशान है
आयाजब उस प्राचीनकाल में यह जबरदस्त
ज्ञानभंडार हमारे पास था, तो अब क्यों नहीं है
यह ज्ञान कहां चला गया
सबसे बड़ा सवालिया निशान है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
वंदे मारतम् के अपमान पर नहीं थम रहा बवाल, अब सोनिया गांधी, राहुल और खरगे के खिलाफ मुंबई पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई शिकायत | उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़ जैसे हालत, दर्शन के लिए लगी लाइन में करंट की अफवाह पर मची अफरा-तफरी; कई श्रद्धालु घायल | बहुविवाह पर CM हिमंता का सख्त एक्शन, कहा - जिन कर्मचारियों ने पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी की, उनकी सैलरी में होगी 20% कटौती | पश्चिम बंगाल के होटल में भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की मौत पर PM ने जताया शोक, कहा- जान गंवाने की खबर सुनकर अत्यंत दुखी हूं, अपनों को खोने वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं, घायल जल्द स्वस्थ हों
Advertisement ×