जगदंबा स्तुति – सदा प्रसन्ना मां जगदंबा

सदा प्रसन्ना मां जगदंबा
मम ह्रदय तुम वास करो।
लेकर खड़ग त्रिशूल हाथ में
मम शत्रुदल संहार करो।
चड-मुंड के मुंड धारण कर्ता
मम संकट का भी हरण करो।
तंत्र विद्या की प्रारंभा देवी
शत्रु तंत्र मंत्र यंत्र का शमन करो।
चौसठ योगिनी संगी कर्ता
मम योग विद्या उत्थान करो।
रक्तबीज का रक्त पान कर्ता
मम शत्रुदल रुधिर पान करो।
भैरव के संग नृत्य कर्ता
मम शत्रुदल अटहा्स कर ध्वस करो।
जय जय जय मां जगदंबा काली
मम ह्रदय तुम सदैव वास करो।
डॉ.राजीव डोगरा-कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
मालवीय नगर होटल अग्निकांड में कुक केशव नेगी 2 दिन की पुलिस रिमांड पर, लापरवाही के बड़े खुलासे; मामले में 21 लोगों की हुई थी मौत  | Haridwar में Biryani पर संतों का ऐतराज: 'देवभूमि' की पवित्रता बनाए रखने को 'वेज पुलाव' नाम की मांग | जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का महाजुटाव! धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, सुरक्षा के कड़े इंतजाम | Kerala के Wayanad में रहस्यमयी बीमारी का कहर, 150 स्कूली बच्चे बीमार, Health Department अलर्ट पर
Advertisement ×