झुंझुनू के बीडीके अस्पताल में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति को मृत घोषित करने के बाद चिता पर लिटाने के बाद वह अचानक जिंदा हो गया. यह मामला अब प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है, और जिला कलक्टर ने पूरी घटना की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात 12 बजे के बाद ही अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) सहित तीन डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है.
देर शाम जब रोहिताश्व का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तभी अचानक चमत्कारी रूप से उसकी सांस चलने लगी. यह देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तत्काल उसे फिर से बीडीके अस्पताल लाया गया. अस्पताल में उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया गया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया. इस घटना के बाद बीडीके अस्पताल में हड़कंप मच गया और चिकित्सकों के खिलाफ सवाल उठने लगे. अस्पताल प्रशासन ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है और अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
जिला कलक्टर रामावतार मीणा ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जांच टीम गठित कर इस घटना की विस्तृत जांच की जाएगी. साथ ही, लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
