जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के एक गांव में रहस्यमयी मौतों से हड़कंप मच गया है. हालात को काबू में करने के लिए जिला प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं. यहां तक की कोरोना काल की तरह कंटेनमेंट जोन लगाने तक की नौबत आ गई है. आखिर गांव में एक साथ लोगों की मौत कैसे हुई इस पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. इसे लेकर केंद्रीय मंत्री ने बड़ी जानकारी दी है और बताया है कि किस वजह से लोगों की जान गई है.
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के एक गांव में रहस्यमयी तरीके से 17 लोगों की जान चली गई थी. इसे लेकर जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री डॅाक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि लखनऊ स्थित सीएसआईआर द्वारा की गई शुरुआती जांच में पाया गया कि यह न तो वैक्टीरियल है और न ही वायरल. जांच में जहरीले पदार्थ पाए गए हैं. अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह जहर किस तरह का है. अगर किसी तरह की साजिश का पता चलता है तो कार्रवाई की जाएगी.
कश्मीर के राजौरी में ‘रहस्यमयी बीमारी’ पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “अभी हमारी जांच चल रही है. अभी तक हम इतना समझ पाए हैं कि यह कोई वायरस या बैक्टीरिया नहीं है. हमारी अपनी मेडिकल टीम, पुलिस टीम सभी यह पता लगाने के लिए जांच कर रही है कि यह क्या है. इसमें कुछ समय लग रहा है क्योंकि अभी तक हम यह पता नहीं लगा पाए हैं कि यह सब क्यों हो रहा है.
गांव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन कंटेनमेंट जोन में विभाजित किया गया है. इनमें सबसे अधिक प्रभावित वे घर हैं, जहां मौतें हुई हैं. इन घरों को सील कर दिया गया है और किसी भी व्यक्ति को नामित अधिकारी की अनुमति के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं है. अन्य दो जोन में वे परिवार शामिल हैं, जो प्रभावित परिवारों के संपर्क में आए हैं.
संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए, उच्च जोखिम वाले संपर्कों को तुरंत बदहाल गांव से जम्मू के नर्सिंग कॉलेज और सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) राजौरी में स्थानांतरित कर दिया गया है. यह कदम समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.
