कानपुर। एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय वेण्डर डेवलपमेंट कार्यक्रम एवं एमएसएमई एक्सपो-2025 का एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर के प्रांगण में शुभारम्भ किया गया। एक्सपो में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/विभागों/ बैंकों/एमएसएमई इकाइयों ने 85 से अधिक स्टाल लगाकर अपने उत्पादों/सेवाओं का प्रदर्शन किया।

संयुक्त निदेशक, एम.एस.एम.ई. विकास कार्यालय कानपुर विष्णु कुमार वर्मा ने कार्यक्रम में पधारे वर्क्स मैनेजर ओईएफसी पुनीत शुक्ला, उपमहाप्रबन्धक एच.ए.एल. सुरेश चन्द्र मीणा, वैज्ञानिक सीएसआईआर-सीमैप लखनऊ डॉ० आर. के. श्रीवास्तव, महाप्रबन्धक पावरग्रिड कार्पाेरेशन इण्डिया लि० जगविजय सिंह, उपमहाप्रबंधक ओएफसी एस.के. श्रीवास्तव, उपमुख्य प्रबन्धक माडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली संजय निगम, सहायक निदेशक, एफएफडीसी, कानपुर भक्ति विजय शुक्ला, तथा समस्त व्यक्तियों का कार्यक्रम में पधारने के लिए हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया तथा संस्थान की कार्य-विधि का विवरण एवं इस कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी प्रदान की जिसमें उन्होंने यह अवगत कराया कि इस कार्यक्रम से एम.एस.एम.ई. इकाइयों तथा सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के पारस्परिक सहयोग से एकदूसरे की आवश्यकता की पूर्ति की जा सकती है। वृहद उद्योग स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाइयों से प्रतियोगी दर पर उनके उत्पादों को क्रय कर सकेंगे। श्री वर्मा ने भारत सरकार द्वारा लागू पब्लिक प्रोक्योरमेन्ट पॉलिसी के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि आने वाले समय में सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों अपनी कुल खरीद का 25ः सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाइयों (4ः अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग एवं 3ः महिला उद्यमियों द्वारा स्थापित इकाइयों) से खरीदना आवश्यक होगा।

इस एमएसएमई एक्सपो में एचएएल, कानपुर, माडर्न रेल कोच फैक्ट्री, रायबरेली, एन. सी.आर., एलम्किो, कानपुर, बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक के स्टालों के अतिरिक्त 80 सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाइयों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। उपरोक्त प्रदर्शनी में महिला उद्यमियों ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया।
वर्क्स मैनेजर, ओईएफसी, कानपुर पुनीत शुक्ला ने अपने उद्बोधन में उन्होंने कहाकि ओईएफसी द्वारा एमएसएमई से क्रय किये जाने वाले वस्तुओं का 40 प्रतिशत है जो सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक है।
उप मुख्य महाप्रबन्धक, हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, कानपुर सुरेश चन्द्र मीणा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि भारत सरकार एमएसएमई को डेवलप करने का काम कर रही है। TAD, Kanpur में 1960 से कार्यरत है जिसमें 24 प्रभाग है और बताया कि प्रधानमंत्री के विजन आत्मनिर्भर भारत के अन्तर्गत तुमकुर, कर्नाटक में हेलीकाप्टर बनाने की एशिया की बड़ी कम्पनी बन रही है। यदि आप एच.ए.एल. के एक विभाग से जुड़े हुए हैं तो धीरे-धीरे अन्य विभागों से स्वतः ही जुड़ जायेंगे। हेलीकाप्टर में छोटे-छोटे पार्ट्स लगते हैं। आपका छोटा सहयोग देश के काम आयेगा। हम सब मिलकर कार्य करेंगे।
वैज्ञानिक, सीएसआईआर, सीमैप, लखनऊ आर.के. श्रीवास्तव ने अपने वक्तव्य में कहा कि सीमैप द्वारा क्रय और विक्रय दोनों ही एमएसएमई उद्यमियों से किये जाते हैं जो निर्धारित लक्ष्य से कहीं ज्यादा है। इस तरह से हम एमएसएमई उद्यमों को प्रोत्साहित करते हैं।
महाप्रबन्धक, पावरग्रिड कार्पाेरेशन, लखनऊ जगविजय सिंह ने अपने वक्तव्य में कहाकि पावरग्रिड में जितने भी क्रय किये जाते हैं उनमें से एमएसएमई इकाई को उचित प्रतिनिधित्व अर्थात 25 प्रतिशत की खरीददारी एमएसएमई इकाई से ही की जाती है और ऐसा देखा गया है कि एमएसएमई इकाइयाँ उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का विनिर्माण कर रहे हैं। इसलिए हम कह सकते हैं कि भारत का सूक्ष्म एवं लघु उद्योग किसी अन्य देशों से पीछे नहीं है।
सहायक निदेशक, एफएफडीसी, कानपुर भक्ति विजय शुक्ला ने अपने व्याख्यान में कहा कि एमएसएमई इकाइयों को अद्यतन तकनीक के साथ समावेशी होना होगा जिसके फलस्वरूप उत्पाद को कम लागत में बाजार तक पहुँचा सकते हैं। जैसे-ऊर्जा संरक्षण और जलवायु हितैषी आदि महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान देना होगा।
मुख्य महाप्रबन्धक, ओएफसी, कानपुरएस.के. श्रीवास्तव ने कहाकि मेरे संस्थान में प्रयास यह रहता है कि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य 25 प्रतिशत क्रय करने का पूरा किया जाये। साथ ही 04 प्रतिशत का क्रय एससी/एसटी स्वामित्व वाले उद्योग से तथा 03 प्रतिशत का क्रय महिला स्वामित्व वाले उद्यमों से किया जाये।
स्टेट कोआर्डीनेटर, जेम, उ०प्र० अंकित शुक्ला ने अपने वकतव्य में उन्होंने कहाकि एमएसएमई इकाइयों अपने उत्पाद एवं सेवाओं को जेम पोर्टल पर रजिस्टर कराकर अपने उत्पाद एवं सेवाओं को सरकारी संस्थाओं में बेच कर लाभ कमा सकते हैं, क्योंकि आपको पता होगा कि सरकार भी बहुत बड़ा क्रेता है। आप सभी एमएसएमई इकाइयों से अनुरोध है जिन्होंने अपना पंजीकरण जेम पोर्टल पर नहीं कराया है, अवश्य करा लें।
डीएमएम, माडर्न रेल कोच फैक्ट्री, रायबरेली संजय निगम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहाकि भारतीय रेल निर्माण में एमएसएमई इकाइयों की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है। रेल कोच फैक्ट्री का हमेशा से प्रयास रहा है कि वह एमएसएमई इकाइयों के गुणवत्तायुक्त उत्पादों का क्रय करती रही है। बैंक के अधिकारियों ने भी ऋण संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि आप ईमानदारी से कोई व्यवसाय करना चाहते हैं तो आपके प्रोजेक्ट अच्छे होने चाहिए जिसके फलस्वरूप बैंक आपको ऋण देने में सहज महसूस कर सके। तकनीकी सत्र के दौरान वेण्डर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया एवं खरीद प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी एवं उद्यमियों की शंकाओं का निवारण किया गया।
कार्यक्रम में कार्यालय के सहायक निदेशक अविनाश कुमार अपूर्व, सहायक निदेशक अमित बाजपेयी, सहायक निदेशक नीरज कुमार, वरि0सां0 अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता, सहायक निदेशक के.पी. शील, कार्यालय अधीक्षक अजय शुक्ला आदि अधिकारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक/मीडिया प्रभारी अविनाश कुमार अपूर्व द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन के उपरान्त सहायक निदेशक ग्रेड-1, एमएसएमई विकास कार्यालय, एस.के. पाण्डेय ने धन्यवाद किया।
