पहलगाम में जो नरसंहार हुआ उसके बाद भारत बदला लेने की तैयारी कर रहा है। बदला सर्जिकल स्ट्राइक, एयरस्ट्राइक के जैसा होगा या फिर इससे बहुत बड़ा होगा। इसका अंदाजा इस बात से लगा लीजिए कि आईएनएस विक्रांत 18 फाइटर जेट लेकर समुद्र में उतर चुका है। सेना का डिप्लायमेंट लगातार बॉर्डर पर हो रहा है। सेना के प्रमुख खुद पहलगाम पहुंच चुके हैं और राज्यपाल के साथ सीएम से बात की। साथ गृह मंत्री ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्री से बात की और राष्ट्रपति के पास गृह मंत्री और विदेश मंत्री एक लाल रंग की फाइल लेकर गए। जिसमें क्या था ये अब तक पता नहीं चल पाया है। मतलब बदला तो इस बार भारत का ऐसा होगा कि पाकिस्तान पानी नहीं मांगेंगा। लेकिन इस हमले से पहले ही पाकिस्तान बुरी तरह बौखलाया हुआ नजर आ रहा है। उसके नेताओं की गीदड़भभकी सामने आने लगी है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने सिंधु जल संधि के मामले में भारत को धमकाया और चुनौती दी।
बिलावल भुट्टो की इस धमकी के बाद अब भारत में तरह तरह की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। क्या हिंदू क्या मुसलमान सभी एक सुर में पाकिस्तान का इलाज करने को आतुर नजर आ रहे है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष साजिद रशीदी ने बिलावल भुट्टे के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि समय ही बताएगा कि किसका खून बहेगा। उन्हें अब पानी की सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सोचना चाहिए, वे पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करेंगे। रशीदी ने कहा कि पाकिस्तान में भारत की ओर देखने का दम नहीं है। उन्हें पहले अपनी समस्या को सुलझाना चाहिए, वहां शिया-सुन्नी की लड़ाई होती है। साजिद रशीदी ने आगे कहा कि मैं संदेश देना चाहता हूं कि उन्हें ये गतिविधियां बंद कर देनी चाहिए। अन्यथा भारत के मुसलमान पाकिस्तान की इन गतिविधियों को खत्म करने के लिए तैयार बैठा है। हमें केवल सरकार की मंजूरी की जरूरत है। पाकिस्तान में घुसकर मारेंगे।
