पति-पत्नी के रिश्ते को जोड़ने की अनूठी मिसाल: न्यू आजाद नगर में सपा नेता और चौकी इंचार्ज की सूझबूझ ने रचा इतिहास

राजेंद्र केसरवानी
कानपुर। बदलते दौर में रिश्तों की डोर कमजोर पड़ती जा रही है। पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातें कभी-कभी इतनी बड़ी खाई बन जाती हैं कि तलाक जैसा कठोर कदम ही एकमात्र रास्ता नजर आता है। इन झगड़ों का असर न सिर्फ दंपति पर पड़ता है, बल्कि बच्चों का भविष्य भी आक्रामकता और असुरक्षा की छाया में ढलने लगता है। लेकिन, अगर समाज के जिम्मेदार लोग दिल से कोशिश करें, तो टूटते रिश्तों को फिर से जोड़ा जा सकता है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक वाकया सामने आया कानपुर के न्यू आजाद नगर चौकी क्षेत्र में, जहां एक बिखरते रिश्ते को नया जीवन मिला।
पति शिवचरन व पत्नी सपना
दरअसल सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के अन्तर्गत न्यू आजाद नगर में रहने वाले शिवचरन सिंह और उनकी पत्नी सपना के बीच वर्षों से अनबन चल रही थी। दो साल से दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला ही बन्द था।
छोटी-छोटी गलतफहमियां इतनी बढ़ गई थीं कि मामला तलाक की दहलीज तक पहुंच गया था। आए दिन एक-दूसरे पर बेबुनियाद आरोप लगाकर थाने व चौकी के चक्कर लगाए जा रहे थे। लेकिन इस कहानी में एक नया मोड़ तब आया, जब यह विवाद न्यू आजाद नगर चौकी इंचार्ज अंकुर मलिक के पास पहुंचा।
न्यू आजाद नगर चौकी इंचार्ज अंकुर मलिक
अंकुर मलिक ने इस मामले को सिर्फ एक कानूनी शिकायत के तौर पर नहीं देखा, बल्कि इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में लिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता शिवकरन सिंह और क्षेत्र के कुछ सम्मानित लोगों को साथ बैठाया। सभी ने मिलकर इस मामले को गहराई से समझने की कोशिश की। पति-पत्नी के बीच संवादहीनता की खाई को पाटने के लिए बिंदुवार चर्चा की गई। दोनों पक्षों से उनकी शिकायतें सुनी गईं, गलतफहमियां दूर की गईं और संवेदनशीलता के साथ कम्युनिकेशन गैप को खत्म किया गया।
लंबी बातचीत और समझाइश के बाद शिवचरन और सपना ने एक-दूसरे को फिर से समझा। दोनों ने अपने मतभेद भुलाकर साथ रहने का फैसला किया। यह नजारा सिर्फ एक दंपति के फिर से मिलन का नहीं था, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा था कि अगर सामूहिक प्रयास और सकारात्मक हस्तक्षेप हो, तो टूटते रिश्तों को फिर से जोड़ा जा सकता है।
यह घटना न्यू आजाद नगर चौकी के लिए एक मिसाल बन गई चौकी प्रभारी अंकुर मलिक और समाजवादी पार्टी के नेता शिवकरन सिंह की सूझबूझ ने न केवल एक परिवार को टूटने से बचाया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि प्यार, समझ और संवाद से कोई भी रिश्ता दोबारा संवारा जा सकता है। यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो यह मानता है कि रिश्तों को बचाने की कोशिश कभी बेकार नहीं जाती।

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