टीवी चैनलों पर दो लेडीज प्रजाति की टपाका कुकुरभोक्ताओं नें टीवी चैनलों की रौनक़ वापिस ला दी है। जी हाँ जहाँ एक तरफ हम पहले केवल संबित पात्रा और वल्लभ की डिबेट सुनते थे और पेट पकड़ – पकड़ के हॅसते थे क्यूंकि तब दो वक्ता लड़ते थे फिर दौर आया जालीदार टोपी वर्सेज रामनामी का तब हम सर पकड़ के हॅसते थे, अचानक हवा बदली और मोदी युग आया और टीवी चैनल के एंकर आपस में सर फोड़अव्वल करने लगे और अच्छे प्रवक्ता बेरोजगार होने लगे। अचानक बिहार चुनाव से पहिले नीले ड्रम के बीज से उत्पन्न दो बिहाड़ीन वक्ताओं की एंट्री होइबे कर गया। दुनों को चारा पार्टी नें प्रवक्ता की जगह कुकूरभोक्ता बना कर चैनलों की टीआरपी बढ़वाने भेज दिया । अब सुनिए अखबारी डिबेट जिसका एंकर मै हूँ और वक्ता अपने
सुधांशु त्रिवेदी जी बाकि कुकूरभोक्ता के नाम आप समझ जाईयेगा न – त्रिवेदी – बताइये लालूजी ने 1990-2005 तक शासन किया तो उस वक्त जीडीपी क्या थी?
कुकूरभोक्ता – राजद वालों को जीडीपी से मतलब नहीं है ! समझे पंडत अब इ नहीं चलेगा हम महिला नहीं है हम सुड़सा है, ज्यादा बकैती करोगे तो लील जायेंगे … हमें तेजू भईया के डीपी से मतलब है।
त्रिवेदी – अरे आप दाँत से मत बोलिए , आप यह बताइए ना कि लालूजी ने कितना रोजगार दिया?
कुकूरभोक्ता- अब एक पिछड़ी महिला स्टूडियो में बैठने लगी तो पेटवा में दर्द उठने लगा आप लोग के, आयें.. आयें… अभी बीम जी न रहते तो तुम सब मनुवादी हमको बराबर में ना रखके जमीन पर बइठा देता, समझे….
त्रिवेदी – मुद्दों पर बात करिए ना मैडम, लालूजी ने अपने परिवार के अतिरिक्त किसका कल्याण किया ? प्रति व्यक्ति इनकम कितनी बढ़ाई ?
कुकूरभोक्ता- तुम मनुवादियों को तो हम छिक्षित होकर मजा चखा दिया ना… बूझे की नहीं ! इस स्टूडियो में बस मनुवादी भरे हैं ! यहाँ पिछड़े को नहीं बोलने दिया जाएगा..हमें पता है, हें….हेंय
एंकर – अरे मैडम आप कहाँ की बात कर रही हैं, उनके प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, फैक्ट्स के साथ?
कुकूरभोक्ता- अब एगो मनुवादी सोच वाला एंकर हमकों बताएगा कि एक पिछड़ी महिला को क्या और कैसे बोलना है… वो वाला जमाना गया… अबकी हिसाब करेंगे मनुवाद खत्म करेंगे ….ही ही ही…हाहाहा….
एंकर – क्या बदतमीजी है ये, आप बिहार के विकास और चारा घोटाले पर उत्तर दीजिये … आप ऐसे टारगेट नहीं कर सकती हैं किसी को
कुकूरभोक्ता- पहले ठाकुर का कुँआ था.. अब स्टूडियो भी ठाकुर का है, ही हाँहाँ। लेकिन ईयाद रखियेगा… तेजू की सरकार आने पर 786% आरक्षण होगा और इन सबपर सिर्फ माय वालों का कब्जा होगा! समझे कि नहीं..नहीं समझे तो समझा दीयन जाएगा…ही ही ही…हाहाहा
एंकर – एक ब्रेक के लिए रुकते हैं और अब आगे बंगाल की खबर । बंगाल में एसआईआर अभियान आग उगल रही है ! घर-घर पहुंचते ही बीएलओ को जो सूचना मिल रहा है, उससे केजरीवाल तक हिल गया है। एक दावे के अनुसार एक ही फोटो से 17-17 वोटर कार्ड, मृत हुई औरतें 2020 से वोट डाल रही , 90 साल की बुढ़िया का फोटो 25 साल के जवान लड़के ने लगा रखा था ! चुनाव आयोग द्वारा इस्तेमाल किए गए फेशियल रिकग्निशन ने तो कमाल कर दिया, एक ही क्लिक में सैकड़ों डुप्लीकेट पकड़ लिए जा रहे हैं । यानि एक ही फोटो में अलग अलग नाम और अलग-अलग जगहों पर वोटिंग हुआ करती थी ! बॉर्डर पर तो अलग ही हंगामा है। हकीमपुर-ताराली पर रात-रात भर लाइन लगी है, बैग कंधे पर, बच्चे गोद में, सैकड़ों बांग्लादेशी रोते-गाते वापस जा रहे हैं। जो गुप्त रास्ते से बार्डर पार कर ले रहे हैं उनकी छोड़िए। बॉर्डर वालों ने भी 18 नवंबर को 500 लोगों को ऑन रिकॉर्ड पकड़ा है,जो कल तक कोलकाता में रिक्शा चला रहे थे, आज कह रहे हैं दादा बस, अबकी तो घर ही ठीक है। विशेष पूनरीक्षण रिपोर्ट सिर्फ फर्जी लिस्ट ही साफ नहीं कर रहा, बंगाल के 50 साल के वोटबैंक की गंदगी को भी साफ कर रहा और उधर भोट चोरी – भोट चोरी कहने वाले परेशान है कि ना ऐसा कुछ कहा होता ना भाजपा को ए आइडिया आया होता ना फर्जी भोट कटता।

पंकज सीबी मिश्रा- राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी
