कानपुर। ट्रेक्शन मशीन शेड में 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला तथा बताया गया कि भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया था और संविधान की विभिन्न विशेषताओं को भी इस अवसर पर बताया गया। जिसमें कहा गया कि भारतीय संविधान में 6 मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं इन मौलिक अधिकारों में समानता का अधिकार वाक एवं अभिव्यक्त की स्वतंत्रता का अधिकार शोषण के विरुद्ध अधिकार धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार संवैधानिक उपचारों का अधिकार प्रदान किए गए हैं।

इस अवसर पर इस बात की भी चर्चा की गई कि जिस प्रकार हमारे नागरिक अधिकारों की तो बात करते हैं लेकिन कर्तव्यों की बात कोई नहीं करता है और यह कहा गया कि हमारे देश के नागरिकों को संविधान के प्रति जो कर्तव्य दिए गए हैं उन्हें भी ध्यान में रखना होगा। जो कि संविधान के अनुच्छेद 50 ए में दिए गए हैं जिसके तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का निर्माण करना पर्यावरण जीव जंतुओं की रक्षा करना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित करने वाले आदर्श का सम्मान करना देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करना आदि वक्ताओं द्वारा कहा गया।
मुख्य वक्ता बाल गोविंद साहू ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री का भी कहना है कि उनका देश की सेवा किस प्रकार से की जाए इसका एक ही मार्गदर्शक है वह है भारत का संविधान जो यह बताता है कि सभी नागरिक एक समान हैं और वह सबसे पहले मानव है। भारत का संविधान मानव को मानव के बीच भेद करने से रोकता है। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने संविधान की किसी न किसी खूबी को कर्मचारियों के मध्य रखा और संविधान को मानने की तथा सभी साथियों के बीच देश की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए तथा सभी साथियों के बीच आर्थिक एवं सामाजिक और राजनीतिक न्याय पहुंचाने के लिए कार्य करने की बातों को दोहराया गया।
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष आनंद सिंह कुशवाहा, कार्यकारी अध्यक्ष अनिल कुमार, वरिष्ठ कार्यकर्ता अनिल साहनी, सहायक शाखा मंत्री अजय यादव, कोषाध्यक्ष राज्य भी राज बहादुर यादव, उपाध्यक्ष अजीत कुमार पटेल तथा अन्य महत्वपूर्ण सुपरवाइजर एवं रेल कर्मचारी साथी वहां पर उपस्थित रहे।
