अगर आप साल 2026 में शादी या कोई बड़ा मांगलिक काम करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। हिंदू धर्म में विवाह जैसे शुभ कार्य बिना सही शुभ मुहूर्त के नहीं किए जाते हैं। माना जाता है कि ग्रह-नक्षत्रों की सही स्थिति में किया गया विवाह जीवन को सुखी और सफल बनाता है।
खरमास खत्म, फिर भी इंतजार क्यों?
सूर्य जब धनु राशि में रहते हैं, उस समय को खरमास कहा जाता है। साल 2026 में 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं और इसके साथ ही खरमास समाप्त हो गया है। आमतौर पर खरमास खत्म होते ही शादियों और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, विवाह के लिए केवल सूर्य का गोचर ही काफी नहीं होता है। शादी के लिए शुक्र ग्रह का उदय होना बेहद जरूरी माना जाता है, क्योंकि शुक्र प्रेम, दांपत्य जीवन और विवाह का कारक ग्रह है।
दरअसल, शुक्र ग्रह 11 दिसंबर 2025 से अस्त हैं और 1 फरवरी 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे। यही कारण है कि जनवरी 2026 में, खरमास खत्म होने के बावजूद, कोई भी विवाह मुहूर्त नहीं है।
कब से शुरू होगा शादी का शुभ समय?
1 फरवरी 2026 के बाद शुक्र ग्रह उदय होंगे और तभी से शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त बनना शुरू होगा। इसके बाद फरवरी से लेकर जून तक कई अच्छे लग्न मिलेंगे।
2026 में शादी-विवाह की शुभ तिथियां
फरवरी 2026:
5, 6, 8, 10, 12, 14, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी
मार्च 2026:
2, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 मार्च
अप्रैल 2026:
5, 20, 21, 26, 27, 28 और 29 अप्रैल
मई 2026:
1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14 मई
जून 2026:
21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 और 29 जून
जुलाई 2026:
1, 6 और 7 जुलाई
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में कोई भी विवाह मुहूर्त नहीं है, क्योंकि इस दौरान चातुर्मास रहेगा।
नवंबर 2026:
21, 24, 25 और 26 नवंबर
दिसंबर 2026:
2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर
चातुर्मास में क्यों नहीं होती शादी?
जुलाई में देवशयनी एकादशी के बाद भगवान विष्णु शयन काल में चले जाते हैं। इस चार महीने की अवधि को चातुर्मास कहा जाता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। नवंबर में देवउठनी एकादशी के बाद फिर से शादी का सीजन शुरू होता है।
2026 में गृह प्रवेश की शुभ तिथियां
जनवरी 2026:
6, 11, 19, 20, 21, 25 और 26 जनवरी
मार्च 2026:
4, 5, 6, 9, 13 और 14 मार्च
अप्रैल 2026:
20 अप्रैल
मई 2026:
4, 8 और 13 मई
जून 2026:
24, 26 और 27 जून
जुलाई 2026:
1 और 2 जुलाई
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में गृह प्रवेश के भी शुभ मुहूर्त नहीं हैं।
नवंबर 2026:
11, 14, 20, 21, 25 और 26 नवंबर
दिसंबर 2026:
2, 3, 4, 11, 12, 18, 19 और 30 दिसंबर
शुभ मुहूर्त क्यों है जरूरी?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह के समय गुरु और शुक्र ग्रह का मजबूत होना बेहद शुभ माना जाता है। साथ ही रोहिणी, मृगशिरा और रेवती जैसे नक्षत्र विवाह के लिए उत्तम माने जाते हैं। सही मुहूर्त में किया गया विवाह पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, समझ और स्थिरता लाता है।
अगर आप 2026 में शादी या गृह प्रवेश की योजना बना रहे हैं, तो इन शुभ तिथियों को ध्यान में रखकर पहले से तैयारी करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। BPS NEWS इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
