मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में प्रस्तावित प्रमुख शहरी जल निकासी परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए की गयी बैठक

कानपुर। मण्डलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन की अध्यक्षता में नगर निगम कानपुर क्षेत्र में प्रस्तावित प्रमुख शहरी जल निकासी परियोजनाओं को समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के उद्देश्य से शिविर कार्यालय में अन्तर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, उपाध्यक्ष कानपुर विकास प्राधिकरण मदन सिंह गबर्याल, प्रभागीय वन अधिकारी दिव्या, अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार राय, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अखण्डेश्वर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मकड़ी खेड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित शहरी बाढ़ न्यूनीकरण परियोजना की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि परियोजना के अंतर्गत डी.पी.एस. कल्याणपुर से अटल घाट तक 6.99 किलोमीटर लंबी आरसीसी ड्रेन का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से वर्षा जल को कलेक्शन वेल एवं पम्पिंग सिस्टम द्वारा गंगा नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इस परियोजना की स्वीकृत लागत 207.27 करोड़ रुपये है। परियोजना को पांच वर्ष की रिटर्न पीरियड क्षमता के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसका कैचमेंट एरिया 26.42 वर्ग किलोमीटर है, जिससे नारामऊ, कल्याणपुर नॉर्थ, विनायकपुर, ख्योरा, नवाबगंज, विष्णुपुरी, गीता नगर एवं ओल्ड कानपुर क्षेत्र लाभान्वित होंगे।
समीक्षा के दौरान किदवई नगर बाईपास से पांडु नदी तक प्रस्तावित सी.ओ.डी. ड्रेन निर्माण परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत 6.20 किलोमीटर लंबी आरसीसी ड्रेन का निर्माण प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से चयनित क्षेत्रों का वर्षा जल मौजूदा नालों से होते हुए पांडु नदी में प्रवाहित किया जाएगा। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 199.49 करोड़ रुपये है। इसका कैचमेंट एरिया 18.88 वर्ग किलोमीटर है, जिससे नगर निगम के 26 वार्ड आंशिक रूप से लाभान्वित होंगे तथा लगभग 1.34 लाख की आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि दोनों परियोजनाओं के क्रियान्वयन से पूर्व विभिन्न विभागों से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए जाने की प्रक्रिया प्रगति पर है। नालों के मार्ग में आने वाले वृक्षों के पातन अथवा स्थानांतरण, विद्युत, सड़क, सिंचाई एवं अन्य उपयोगिताओं के शिफ्टिंग से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ इन विषयों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
मण्डलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए ये दोनों परियोजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें तथा परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े इन कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी।

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