- सांस्कृतिक संध्या में लोकनृत्य की प्रस्तुतियों से गूंजा संरक्षण का आह्वान
कानपुर। नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा बैराज स्थित अटल घाट पर गंगा उत्सव की मुख्य संध्या का आयोजन किया गया। जिला गंगा समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में दीपोत्सव, महागंगा आरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गंगा स्वच्छता और संरक्षण का संदेश दिया गया।
5100 दीपों से रोशन हुआ घाट कार्यक्रम की शुरुआत शाम 4:30 बजे हुई। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों के जरिए गंगा की महत्ता और लोक संस्कृति के विविध रंगों को प्रस्तुत किया। शाम 5:30 बजे दीपोत्सव के दौरान 5100 दीप जलाए गए, जिससे अटल घाट का तट जगमगा उठा। इसके बाद शाम 6 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुरोहितों ने महागंगा आरती संपन्न कराई।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं और संस्थाओं को सम्मान उत्सव के तहत एक से तीन नवंबर तक जिले में प्रभात फेरी, खेलकूद, संगोष्ठी और स्कूल-कॉलेजों में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इन गतिविधियों में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
इसके अतिरिक्त पर्यावरण और नदी संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं—वीमेन एम्पावरमेंट वेलफेयर सोसाइटी, रेवम्प इंडिया, गंगा रक्षक दल, गीतानुरागी फाउंडेशन और कानपुर प्लॉगर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग, पंचायती राज, पर्यटन विभाग और नमामि गंगे के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी तथा जिला गंगा समिति के सदस्य मौजूद रहे।
