कानपुर। दीपावली एवं आगामी त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फिरोजाबाद और इटावा से कानपुर बिक्री के लिए लाए जा रहे लगभग 2200 किलोग्राम (22 क्विंटल) संदिग्ध एवं दूषित खोया को पकड़ा। मौके पर ही नमूने संग्रहित करने के बाद शेष अस्वच्छ खोये को कल्याणपुर स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट पर विनष्ट करा दिया गया। जब्त किए गए कुल खोये की अनुमानित कीमत लगभग 7.73 लाख रुपये आंकी गई है।

भौती मोड़ पर पकड़ी गई महिंद्रा पिकअप
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह के निर्देशन में विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने भौती मोड़ पर एक महिंद्रा पिकअप (गाड़ी संख्या: UP 75 CT 0633) को रोककर जांच की।
- खोये की मात्रा व कीमत: वाहन की 29 बोरियों में लगभग 1150 किलोग्राम खोया भरा हुआ था, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत ₹4,06,000 थी।
- संचालक: मौके पर मौजूद आनंद (पुत्र मान सिंह) और कप्तान सिंह ने पूछताछ में बताया कि यह खोया नगला मानसुख, शिकोहाबाद (जिला फिरोजाबाद) से लाया जा रहा है और उन्हीं का है।
- स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्थिति: जांच में पाया गया कि खोया बेहद गंदी बोरियों में भरा था और उसे खुली गाड़ी में अस्वच्छ परिस्थितियों में लाया जा रहा था। गाड़ी में बोरियों के ऊपर बोरियां लदी होने और रात में बिना किसी तापमान नियंत्रण (Temperature Control) के परिवहन के कारण खोये से तीव्र दुर्गंध आ रही थी और वह प्रथम दृष्टया अत्यधिक दूषित (Contaminated) एवं मानव उपभोग के सर्वथा अयोग्य पाया गया।
- टीम ने इस मामले में दो विधिक नमूने संग्रहित किए और शेष सड़े-गले खोये को कल्याणपुर प्लांट में नष्ट करवा दिया।
इटावा से आ रहा 1050 किलो दूषित खोया पकड़ा गया
एक अन्य सूचना पर कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोमनाथ कुशवाहा और डॉ. देवेंद्र सिंह आजाद की टीम ने एक छोटे मालवाहक वाहन (‘छोटा हाथी’) को रोककर औचक निरीक्षण किया। यह खोया पहले एक ब्रेड ढोने वाली गाड़ी से लाकर इस छोटे वाहन में पलटा गया था।
- खोये की मात्रा व कीमत: वाहन से 30 नग (कट्टे/बोरियां) खोया बरामद हुआ, जिसका कुल वजन लगभग 1050 किलोग्राम और अनुमानित कीमत ₹3,67,500 थी।
- संचालक: मौके पर मिले धर्मेंद्र कुमार (पुत्र रामेश्वर दयाल, निवासी बिरारी, थाना बढ़पुरा/एकदिल, इटावा) ने बताया कि यह खोया वीरेंद्र (पुत्र दुर्जन लाल, निवासी बिरारी, इटावा) का है, जिसे इटावा से कानपुर में खपाने के लिए लाया जा रहा था।
- गंभीर खामियां: यह खोया बिना तापमान नियंत्रण के, अस्वच्छ और गंदे माध्यमों में लपेटकर कानपुर लाया जा रहा था। एक के ऊपर एक बोरी लदे होने और लंबी दूरी के सफर के कारण खोये में भारी बदबू आने लगी थी और वह सड़ चुका था।
- टीम ने इस खेप से एक नमूना संग्रहित कर शेष 1050 किलोग्राम दूषित खोये को भी कल्याणपुर स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट पर बुलडोजर चलवाकर विनष्ट करा दिया।
अधिकारियों की चेतावनी: त्योहारों पर जारी रहेगा अभियान
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पर्वों के सीजन में आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मिलावटखोरों के विरुद्ध यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि दोनों मामलों में संग्रहित किए गए कुल 3 नमूनों को परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, और प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ माननीय न्यायालय में अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
