- पूर्व में शिकयतों के बावजूद कार्यवाही का नही दिखा असर
- टाटमिल चैराहे पर जाम का मुख्य कारण बनी रोडवेड की बसें
कानपुर। टाटमील चैराहा शहर का सबसे व्यस्व चैराहा है और अधिकांश समय यहां जाच की स्थिति बनी रहती है। विशेष रूप से यह स्थिति बस अडडे के कारण जाम की स्थिति और भी विकट हो जाती है। रोडवेड की बसे बस स्टाप के अंद के बजाय रोड पर ही खडी रहती है। वहंी टाटमिल चैराहे पर भी बस चालक मनमानी करते हुए जीटी रोड के किनारे बसें खडी कर फतेहपुर, प्रयागराज, लखनऊ के लिए सवारियों का इंतजार करते रहते है और अन्य वाहनो के लिए यही समस्या का कारण है।
बताते चले कि लगातार समाचार पत्रों में रोडवेज बस चालकों की मनमानी की खबरो के बाद विभाग द्वारा कार्यवाही की गयी और बस चालकों को सख्ती से हिदायत दी गयी थी कि सडक पर कोई बस नही खडी होगी। वहीं इसके लिए एक व्यक्ति को भी बस स्टाप के बाहर नियुक्त किया गया था जो बसों को सडक पर नही खडा होने देता था। कुछ समय बाद सारी कवायद फेल हो गयी और बस स्टाप के बाहर दोनो तरफ सडक तथा पुल पर बसों की कतारें लगी रहती है। बस चालकों पर किसी कार्यवाही का असर नही दिखाई दे रहा है और उनकी मनमानी व अराजकता जारी है।
बीते सात महीनों में 13 सौ से ज्यादाबाद चालान भी किया जा चुका है वहीं अपर पुलिस आयुक्त कानून वयवस्था डा0 विपिन ताडा द्वारा पूर्व में मण्डलायुक्त को पत्र लिखकर समस्या से अवगत भी कराया गया था। बसों की अराजकता के कारण झकरकटी पुल से टाटमिल चैराहे तक हमेशा जाम लगा रहता है। ऐसे में चार पहिया वाहन, टैक्सी फंस जाते है और छोटे वाहन भी नही निकल पाते। चैहारा मुख्य इस कारण भी है कि जीटी रोड पर है और एक तरफ किदवईनगर क्षेत्र की तो दूसरी ओर रामादेवी से बडी संख्या में वाहन आते है। इसी प्रकार घण्टाघर से व्यापारिक वाहन व जरीब चैकी की ओर से भी बडी संख्या में वाहन आते है।
फिलहाल विभागीय सारी कवादय फेल हो चुकी है। न ही जाम की स्थिति से लोगों को निजाद मिल पा रही है और न ही बस चालकों की अराजकता और मनमारी समाप्त हो पा रही है। शहर के जाम मुक्त कराने के सारे दावें यहां फेल नजर आते है।
