संसद से सड़क तक मनरेगा का नाम बदलने पर हंगामा…. अखिलेश-डिंपल भड़के तो अनुराग ठाकुर ने किया पलटवार

लोकसभा में मोदी सरकार की ओर से लाए गए ‘V-जी रामजी’ (VB-G RAM G)’ बिल को लेकर सियासी घमासान मच गया है। तमाम विपक्षी पार्टियां बिल के विरोध में उतर आई है। कांग्रेस, सपा, TMC समेत कई पार्टियों ने इस बिला का विरोध किया और बीजेपी को गांधी विरोधी पार्टी बताया है। वहीं, सरकार का कहना है कि यह नया कानून ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा करने वाला एक आधुनिक ढांचा होगा।

दरअसल, ‘VB G RAM G’  की फुल फॉर्म- विकसित भारत गारंटर फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण है। बिल के जरिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) की जगह नया कानून लाने की तैयारी में हैं। इसमें 125 दिन रोजगार की गारंटी होगी, जबकि मनरेगा में 100 दिन रोजगार की गारंटी होती थी। इसके अलावा बिल में में राज्यों की भी हिस्सेदारी तय की जा रही है।

अखिलेश यादव ने उठाए बिल पर सवाल

विपक्षी पार्टियां इस बिल का विरोध कर रही हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस बिल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “राजनीति और योजना इसलिए होनी चाहिए जिससे जनता को लाभ पहुंचे। MGNREGA से बहुत से लोगों को काम मिलता था। आज की महंगाई में मानदेय कैसे बढ़े और इस योजना से किसान को कैसे जोड़ा जाए, जिससे उन्हें भी लाभ पहुंचे, यह देखना चाहिए। आप पूरा भार राज्य सरकार पर डाल देंगे, बहुत सारे राज्यों को MGNREGA का पैसा ही नहीं मिला है। मुख्यमंत्रियों, राज्य सरकारों के सामने ये संकट पैदा करेंगे। वे लोग इस योजना को लेकर आ रहे हैं जिन्हें पता है कि राज्य और केंद्र में योजनाओं को लेकर पैसा न आने की वजह से बहुत नुकसान होता है।”

UP की नक्ल कर रही दिल्ली की सरकार- अखिलेश

अखिलेश ने यह भी कहा कि नाम बदलने से कुछ नहीं होता है। दिल्ली की सरकार अब यूपी की सरकार की नक्ल कर रही है। सबसे ज्यादा नाम बदलने का रिकॉर्ड यूपी की सरकार ने बनाया है। अभी तक तो दिल्ली से यूपी वाले सीखते थे। अब यूपी वाले दिल्लीवालों को सीखा रहे हैं।

वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस पर कहा कि यह नाम बदलने वाली सरकार है। पहले सरकार आंकड़े पेश करें कि पिछले 10 सालों में उन्होंने मनरेगा के तहत कितनी मजदूरी दी है।

कांग्रेस के समय लोगों को पैसा नहीं मिलता था- अनुराग ठाकुर

विपक्ष के विरोध के बीच BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने बिल को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के इतिहास पर नजर डालिए। कांग्रेस केवल नाम बदलने में लगी रही। कोविड के समय मजदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मोदी सरकार ने अपने सारे खजाने खोल दिए थे। हमने MGNREGA में 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्च हमने मनरेगा में किया था, जो कांग्रेस कभी सोच भी नहीं सकती थी। कांग्रेस के समय लोगों को पैसा नहीं मिलता था, बिचौलिए खा जाते थे।”

उन्होंने कहा कि हमने जियोटैग करने का काम शुरू किया। बैंक खाते खुलवाकर लोगों के खातों में पैसा डालने का काम हमने किया। इनके समय कहते थे कि 15 दिन में पैसा मिलेगा। कई-कई महीने तक पैसा नहीं मिलता था। हमने उसको वीकली करने का नाम किया। हमने 100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी का काम हमने किया। यही नहीं इसका बजट भी पहले से ज्यादा हो, राज्य सरकारों की भूमिका हो, वो भी हमने किया, जिससे स्कीम का विस्तार किया जा सके। कांग्रेस हमेशा गरीब और जरूरतमंदों का विरोध करती रही और राम जी का विरोध तो कांग्रेस करती ही थी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेसवाले रामसेतु का विरोध करते हो, राम मंदिर का विरोध करते हो, जहां राम शब्द आता है आप उसका विरोध करते हैं।

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