टीवी शो ‘साथ निभाना साथिया’ से घर-घर में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज की वजह से चर्चा में हैं। इंटरनेशनल स्तर पर चल रहे ईरान-इजरायल विवाद और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच देवोलीना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा पोस्ट शेयर कर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
देवोलीना ने उन लोगों को निशाने पर लिया जो भारत में रहकर दूसरे देशों के समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं और खामेनेई की मौत पर दुख जता रहे हैं। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग कहते हैं कि उनका इस देश से कोई लेना-देना नहीं है। जब भारतीय सैनिक शहीद होते हैं तो उन्हें दुख नहीं होता, लेकिन दुश्मन देशों के लिए आंसू बहाने लगते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग यहां रहकर, यहां की सुविधाओं का फायदा उठाकर और यहां कमाकर जीवन जी रहे हैं, वो आखिर देश की अखंडता का मजाक क्यों उड़ाते हैं?
देवोलीना ने अपने पोस्ट में साफ कहा कि असहमति जताना हर नागरिक का अधिकार है। हर कोई हर सरकारी नीति से सहमत हो, ये जरूरी नहीं। लेकिन देश के लिए जान देने वालों का अपमान करना गलत है।
उन्होंने लिखा कि अगर कोई बलिदान की सराहना नहीं कर सकता, तो उसे खुद से पूछना चाहिए कि उसके लिए वफादारी का मतलब क्या है। यह अंध राष्ट्रभक्ति नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा की बात है।
पोस्ट के आखिर में देवोलीना ने सख्त शब्दों में लिखा कि जिस देश का नमक खा रहे हो, उसके प्रति वफादार रहो। अगर किसी और देश के प्रति वफादारी निभानी है तो वहीं जाकर रहो। उन्होंने कहा कि नमकहराम बनकर जीने से बेहतर है वफादार बनकर सांस लेना।
देवोलीना के इस पोस्ट को कई यूजर्स का समर्थन मिला है। लोग उनकी साफगोई की तारीफ कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि उनका इशारा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फरहाना भट्ट की ओर भी था, जिन्होंने खामेनेई की मौत पर दुख जताया था और उसके बाद से ट्रोलिंग का सामना कर रही हैं।
फिलहाल, देवोलीना का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। एक बार फिर उन्होंने साबित कर दिया है कि वे हर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखना जानती हैं।
