- वसूली से बाज नहीं आ रहे हैं लेखपाल, सबसे अधिक शिकायतें रावतपुर गांव की
कानपुर। निदेशालय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देश पर दिव्यांग पेंशनर की जांच तहसील, आंगनबाड़ी , व नगर निगम के कर्मचारियों को अलग-अलग जांच सौंप गई है। एक ही दिव्यांग पेंशनर की तीन स्तर पर जांच हो रही है। जांच के नाम पर लेखपाल दिव्यांगों से वसूली कर रहे हैं, सर्वाधिक शिकायतें रावतपुर गांव के लेखपाल की आ रही है। रवि सोनकर नाम का व्यक्ति अपने आप को लेखपाल बताकर वसूली कर रहा है। दिव्यांगों को मिलने वाली एक हजार रुपया मासिक पेंशन और उस पर वसूली से दिव्यांग परेशान हो रहे हैं।बार-बार कागज मांगे जाने पर दिव्यांगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है।
राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने दिव्यांगजनों से अनुरोध किया है कि जांच के नाम पर किसी को सुविधा शुल्क न दें। उन्होंने चेतावनी दी है कि दिव्यांगों से पेंशन सत्यापन के नाम पर वसूली न रुकी तो पार्टी इसके विरोध में आंदोलन करेगी। वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि शहरी क्षेत्र के जो दिव्यांग किराए के मकान में रहते हैं और उनका पता बदल गया है तो अपना नया पता दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में जाकर दर्ज करा दे। जिससे कि आगामी होने वाली जांचों में विभाग को सुविधा हो सके। वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि दिव्यांग पेंशनरों का सत्यापन विभाग द्वारा कराया जा रहा है। बहुत से दिव्यांग ऐसे हैं जिनकी एनपीसीआई व केवाईसी ना होने की वजह से दिव्यांग पेंशन रुकी हुई है। राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के अनुरोध पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय द्वारा सत्यापन के माध्यम से एनपीसीआई व केवाईसी से छूटे हुए दिव्यांगों को ढूंढ कर एनपीसीआई वी केवाईसी करवा कर पेंशन जारी करवाना चाहता है।
