उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। दरअसल इमराना नाम की महिला के मन में इतना गुस्सा भरा हुआ था कि उसने कुछ टाइम बम बनाने का ऑर्डर दे दिया था ताकि यदि आगे से कोई दंगा या झगड़ा हो तो वह जवाब दे सके। चार टाइम बमों का ऑर्डर इमराना को मिलता उससे पहले ही यूपी एसटीएफ ने सभी को धर दबोचा। देखा जाये तो बमों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश पुलिस की एक बड़ी कामयाबी तो है ही लेकिन साथ ही यह इस बात की जरूरत पर भी बल देती है कि लगातार सतर्क निगाह बनाये रखनी होगी।
यूपी एसटीएफ ने रविवार को लखनऊ में एक बयान जारी कर बताया कि उसकी मेरठ इकाई की एक टीम ने खुफिया जानकारी के बाद शनिवार शाम मुजफ्फरनगर जिले की निवासी इमराना को गिरफ्तार किया। यूपी एसटीएफ के बयान के मुताबिक इमराना जावेद को लंबे समय से जानती थी और उसने ही उसे बम बनाने के लिए कहा था। जावेद को तब गिरफ्तार किया गया जब वह इमराना को चार बम सौंपने जा रहा था। बताया जा रहा है कि इमराना ने एसटीएफ अधिकारियों को बताया है कि 2013 में मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगों में उसका घर जला दिया गया था और इस बात को लेकर उसमें खासी नाराजगी थी। उसने जावेद से मुलाकात कर कुछ बम बनवाये थे ताकि आगे कोई झगड़ा या दंगा हो तो वे उसमें ‘काम’ आयेंगे।
इमराना ने बताया कि जावेद मीरापुर से अपने जानने वाले के पास से बारूद लाकर बम बनाता है। उसने यह भी कुबूल किया कि उसने पहले भी अपने घर पर ऐसे बम रखे थे, जिन्हें बाद में उसने अन्य लोगों को सौंप दिया था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जावेद के पास से बरामद किए गए चारों बोतल बम ‘इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी)’ थे। उन बोतलों में गन पाउडर-999, लोहे के छर्रे, रुई, पीओपी आदि भरे हुए थे। बोतल बम बनाने के संबंध में पूछताछ करने पर जावेद ने बताया कि उसने अपने पटाखा बनाने वाले चाचा अर्शी के यहां बारूद और बोतल बम बनाना सीखा था और कुछ जानकारी उसने यूट्यूब और इंटरनेट के जरिए हासिल की थी।
