बीपीएस न्यूज़, ब्यूरो
कानपुर। शहर में मानवता को शर्मसार करने वाले ‘किडनी कांड’ को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में उबाल बढ़ता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर आदर्श संग्राम पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती – राष्ट्रीय प्रवक्ता जे. ए. खान
प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप?
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती और राष्ट्रीय प्रवक्ता जे. ए. खान ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में आशंका जताई है कि इस संगठित गिरोह की जड़ें बहुत गहरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली सफेदपोशों और रसूखदार अस्पताल संचालकों की संलिप्तता के कारण स्थानीय जाँच प्रभावित हो सकती है। पार्टी ने मांग की है कि इस मामले की तह तक पहुँचने के लिए इसे सीबीआई (CBI ) या विशेष जाँच टीम (एसआईटी) को सौंपा जाना चाहिए।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
राष्ट्रीय प्रवक्ता जे. ए. खान ने तीखे शब्दों में कहा कि किडनी जैसे अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं, बल्कि स्वास्थ्य प्रणाली की विफलता का प्रतीक है। उन्होंने पत्र के माध्यम से मांग की है कि: दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो। संलिप्त अस्पतालों के लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएं। भविष्य में ऐसे कांड न हों, इसके लिए अंगों के प्रत्यारोपण नियमों की समीक्षा की जाए।
जनमानस में असुरक्षा का माहौल
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने पत्र में स्पष्ट किया कि जिस प्रकार निर्दोष और गरीब लोगों को निशाना बनाकर उनके अंगों का सौदा किया गया, उससे आम जनता में चिकित्सा संस्थानों के प्रति अविश्वास पैदा हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करने की अपील की है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
