जान लें खतरनाक सच, सेहत को किस तरह बर्बाद करते हैं चटपटे स्ट्रीट फूड?

भारतीय स्ट्रीट फूड का नाम आते ही हमारे दिमाग में समोसे, पकौड़े, पूड़ी, कचौरी और चाट जैसी चीजें आ जाती हैं. इनका स्वाद जितना लाजवाब होता है, उतना ही खतरनाक यह हमारी सेहत के लिए भी हो सकता है. सबसे ज्यादा नुकसानदेह होता है इन स्ट्रीट फूड को तलने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला तेल, जिसे बार-बार गर्म करके दोबारा इस्तेमाल किया जाता है.

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से आग्रह किया है कि वे अपने डाइट में तेल के सेवन को 10% तक कम करें. उनका मानना है कि इससे देश में बढ़ती मोटापे की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी. वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विजय सुरसे ने बताया कि तेल का अधिक सेवन न केवल मोटापे का कारण बनता है, बल्कि दिल की बीमारी और डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाता है.

डॉ. सुरसे के अनुसार, एक वयस्क को दिन में 2 से 4 चम्मच तेल का सेवन करना चाहिए. यह मात्रा व्यक्ति की उम्र, लिंग और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करती है. तेल में मौजूद सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट शरीर में फैट स्टोरेज को बढ़ाते हैं, जिससे मोटापा बढ़ता है और हार्मोनल असंतुलन होने की संभावना बढ़ जाती है. यही नहीं, ज्यादा तेल का सेवन भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोनों को भी प्रभावित करता है, जिससे लोग जरूरत से ज्यादा खाते हैं और वजन बढ़ता जाता है.

दिल की बीमारियां: नारियल तेल, ताड़ (Palm) तेल और घी में ज्यादा सैचुरेटेड फैट होती है, जो अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को कम और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाती है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
डायबिटीज का खतरा: ट्रांस फैट से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है.
पाचन और पेट की समस्याएं: बार-बार गर्म किया गया तेल ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ाता है, जिससे गैस्ट्रिक समस्याएं, एसिडिटी और पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं.
मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर: अधिक तेल खाने से वजन तेजी से बढ़ता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और अन्य लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां होने लगती हैं.

भारतीय घरों में तेल को बार-बार तलने और दोबारा इस्तेमाल करने की आदत आम है, लेकिन यह बहुत खतरनाक हो सकता है. जब तेल को बार-बार गर्म किया जाता है, तो उसमें एक्रोलिन, एल्डिहाइड और फ्री रेडिकल्स बनने लगते हैं, जो शरीर में इंफ्लेमेशन, इंसुलिन रेजिस्टेंस और दिल की बीमारी को बढ़ाते हैं.

समोसा, पकौड़े, पूड़ी और अन्य तली हुई चीज़ें भारतीय खानपान का अहम हिस्सा हैं, लेकिन इनका ज्यादा सेवन हानिकारक हो सकता है. स्ट्रीट फूड और होटल में बनाए गए तले हुए व्यंजन तेल को बार-बार गर्म करके बनाए जाते हैं, जिससे उसमें मौजूद ट्रांस फैट और नुकसानदायक तत्व बढ़ जाते हैं. ये डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और मोटापा को बढ़ावा देते हैं.

प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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