कानपुर। मण्डलायुक्त के. विजयेन्द्र पाण्डियन की अध्यक्षता में सम्भागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक शिविर कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने, नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और लंबित परमिट प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन रूटों पर अभी सार्वजनिक बसें नहीं चल रही हैं, वहाँ बस संचालन की संभावना तलाशी जाए और ज़रूरत के अनुसार प्रस्ताव तैयार किए जाये। सिटी बसों की संख्या बढ़ाने और 28 सीटर बसों के संचालन का निर्णय लिया गया है। साथ ही जहां आवश्यकता हो, वहाँ अनुबंध के माध्यम से बसें चलाई जाये जिससे लोगों को बेहतर और नियमित परिवहन सुविधा मिल सके।
उन्होंने प्रवर्तन की कार्रवाई को तेज़ करने और उसमें आधुनिक तकनीक के उपयोग पर ज़ोर दिया। स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन वाहन चालकों के खिलाफ तीन या उससे अधिक बार चालान हो चुके हैं, उनके ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने हेतु अभियान चलाया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी वाहन ओवरलोड न हो और सभी वाहनों के नंबर साफ़-साफ़ दिखाई दें। बताया गया कि इस वित्तीय वर्ष में ओवरलोडिंग के कारण 7 वाहनों का पंजीकरण पहले ही निरस्त किया जा चुका है। मण्डलायुक्त ने कहा कि केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 84 के अंतर्गत परमिटों की जो शर्तें निर्धारित हैं, उनके उल्लंघन की स्थिति में सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन प्राधिकरण द्वारा यह भी बताया गया कि स्थायी स्टेज कैरिज, कानपुर नगर बस परमिट, स्कूल बसों, वैन, टेम्पो और ऑटो रिक्शा के वे परमिट जिनकी वैधता पाँच वर्ष से अधिक समय पूर्व समाप्त हो चुकी है और जिनका नवीनीकरण नहीं कराया गया, उन प्रकरणों पर विचार कर परमिट निरस्तीकरण का निर्णय लिया गया है। अब तक ऐसे कुल 3430 वाहनों का पंजीकरण निरस्त किया जा चुका है।
इसके अतिरिक्त, जिन बसों का संचालन अन्तर्सम्भागीय मार्गों पर बिना प्रतिहस्ताक्षर कराए किया जा रहा था, उन मामलों में यह निर्णय लिया गया है कि संबंधित परमिटधारकों से शमन शुल्क और प्रतिहस्ताक्षर शुल्क जमा कराने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मण्डलायुक्त ने कहा कि बिना परमिट वाहन चलाना पूरी तरह अवैध है और इस पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सभी वाहन स्वामियों को नियमानुसार कार्य करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) डॉ. राजेश कुमार, उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) कानपुर आर.आर. सोनी, आरटीओ प्रशासन राकेन्द्र कुमार सिंह, आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव, एआरएम रोडवेज रामलवट तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
