कानपुर। खबर लिखने के दौरान उसके प्रमाण और परिणाम को भी ध्यान रखें। लोक कल्याण पत्रकारिता का धर्म है। ये विचार कानपुर प्रेस क्लब की ओर से आयोजित गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकारों ने व्यक्त किए। अध्यक्ष सरस वाजपेई ने कहा कि सौभाग्य है कि हम उस शहर कानपुर में पत्रकारिता कर रहे हैं, जहां के जुगल किशोर शुक्ल ने 30 मई 1826 को हिंदी का पहला अख़बार निकला। आज के दौर में पत्रकारिता बड़ी चुनौती है, लेकिन सकारात्मकता और लोक कल्याण की भावना रखें तो अपने कर्तव्य का सच में निर्वहन कर सकते हैं। यदि ईमानदार हैं तो भय नहीं होगा और सत्य के प्रहरी बने रहेंगे।
महामंत्री शैलेश अवस्थी ने कहा कि प्रमाण और परिणाम को ध्यान रखते हुए खबर लिखें। ख़बरों की होड़, धन के जोर और चैनलों के शोर के बीच सच के साथ खड़े रहना मुश्किल ज़रूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। इसलिए खबर ऐसी लिखें जो तथ्य और तर्क पर खरी उतरे। तभी विश्वासनीयता रहेगी।
संचालन आलोक पांडे ने किया। इस मौके पर उपाध्यक्ष गौरव सारस्वत, मंत्री शिवराज साहू, गगन पाठक, उत्सव शुक्ला, संजीव शुक्ला, अमित गुप्ता, मयंक मिश्रा, कौस्तुभ मिश्रा, जेबा खान, एज़ाज सिद्द्की, नीरज तिवारी, विकास वाजपेई, वेद गुप्ता आदि मौजूद रहे।
