15 पुलिसकर्मी सहित 150 लोगों को फर्जी दुष्कर्म मामलों में फंसाने की धमकी देकर कर चुकी उगाही… अब गयी जेल

यूपी के गोरखपुर के सिंघड़िया इलाके में अस्पताल मैनेजर पर हुई फायरिंग ने एक ऐसे आपराधिक नेटवर्क से पर्दा उठाया है, जिसमें हुस्न, हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी का खतरनाक मेल था। इस पूरे खेल की मास्टरमाइंड बताई जा रही है अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अंशिका बीते पांच सालों में दुष्कर्म के फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी देकर करीब डेढ़ सौ लोगों से उगाही कर चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि उसके जाल में आम लोग ही नहीं, बल्कि अयोध्या में तैनात एक सीओ समेत 15 पुलिसकर्मी भी फंस चुके थे।

पुलिस अंशिका के बैंक खातों में आए हर ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि पैसे किन-किन लोगों से आए, कितनी रकम आयी और किस उद्देश्य से दी गई। जिन खातों से रकम ट्रांसफर हुई है, उनके खाताधारकों से पूछताछ की तैयारी है। अंशिका सोशल मीडिया और मैसेंजर ऐप के जरिए लोगों से दोस्ती बढ़ाती थी। बातचीत के दौरान वह वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग कर लेती और बाद में इन्हीं रिकॉर्डिंग्स के आधार पर ब्लैकमेलिंग शुरू कर देती थी। देवरिया, संतकबीरनगर और गोरखपुर में दर्ज कई मामलों में पहले उसने मुकदमे दर्ज कराए और फिर सुलह के नाम पर मोटी रकम वसूली। विरोध करने पर वह नए केस दर्ज कराने से भी पीछे नहीं हटती थी।

अशिंका पहले लोगों से दोस्‍ती करती। धीरे-धीरे बात आगे बढ़ती तो वो उनसे Video कॉल पर बात करने लगती। फिर अतंरगी बातें करते हुए वो न्‍यूड (Nude) हो जाती थी। इस दौरान उसके फोन का स्‍क्रीन रिकॉर्डर ऑन रहता था। रिकॉर्ड हो जाने के बाद वो ब्‍लैकमेलिंग का खेल शुरू करती थी। इस जाल में कई डॉक्टर और कुछ पुलिसकर्मी भी फंसे हैं। लेकिन बदनामी के डर से अब तक किसी ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

गोरखपुर स्थित द्विवेदी चाइल्ड केयर हास्पिटल के मैनेजर विशाल मिश्रा की तहरीर ने अंशिका के खतरनाक इरादों की पोल खोल दी है। विशाल के मुताबिक,अंशिका ने पहले उनसे पिस्टल दिखाकर 12000 हजार की रंगदारी ली थी और रेप के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। 20 जनवरी को वह 50000 की और बड़ी डिमांड कर रही थी जिसे न देने पर उसने विवाद किया और छीना झपटी के दौरान अमिताभ निषाद को गोली लग गई।

पुलिस जांच में सामने आया है कि 5 जनवरी को अंशिका ने गीडा थाने के एक दरोगा से मैसेंजर ऐप पर बात की। इसके बाद उसने उनका मोबाइल नंबर लिया और वीडियो कॉल करने लगी। कॉल के दौरान उसने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। फिर उसी के आधार पर ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने लगी। पुलिस के मुताबिक, इसी तरह उसने गोरखपुर के 12 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को फंसाया। अंशिका के मोबाइल से कई पुलिसकर्मियों के साथ फोटो और वीडियो भी मिले हैं। कुछ वीडियो आपत्तिजनक हैं।

मूल रूप से हरपुरबुदहट की रहने वाली अंशिका गोरखपुर के सिंघड़िया में किराए पर रहती थी। उसके महंगे शौक, देर रात तक पार्टी और दोस्तों के कारण उसके परिवार ने उससे दूरी बना ली थी। वह सोशल मीडिया पर रील बनाने की बेहद शौकीन थी और 700 से ज्यादा वीडियो पोस्ट कर चुकी है।

इसके साथ ही वह पुलिस जीप से अश्लील गानों पर भी रील बना चुकी है। अंशिका का नाम पहले भी एक वाहन चोरी और फर्जी नंबर प्लेट के मामले में सामने आ चुका है। जांच में यह भी पता चला कि दिल्ली से किराए पर ली गई गाड़ी को वापस न करने और उस पर अलग-अलग राज्यों की नंबर प्लेट लगाकर इस्तेमाल करने के आरोप भी दर्ज हैं।

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