जम्मू-कश्मीर में छिपे हुए आतंकियों को दबोचने के लिए सुरक्षाबल अब प्रदेश के तीन अलग-अलग जिलों अनंतनाग, किश्तवाड़ और उधमपुर में बड़े स्तर तलाशी अभियान चला रहे हैं. सुरक्षाबलों को आशंका है कि इन्हीं जिलों में आतंकी अपने गुप्त ठिकानों पर छिपे हुए हैं, जहां उन्हें कुछ स्थानीय लोग भी मदद कर रहे हैं. दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग इलाके में 10 अगस्त को शुरू हुआ पहला आपरेशन लगातार तीसरे दिन भी जारी है. उस आपरेशन में भारतीय सेना के दो जवान और एक नागरिक शहीद हो गए थे.
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किश्तवाड़ में 11 अगस्त से शुरू हुआ ऑपरेशन
दूसरा आपरेशन 11 अगस्त को जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ इलाके में शुरू हुआ. सुरक्षाबलों ने बताया कि किश्तवाड़ पुलिस स्टेशन के इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच थोड़ी देर के लिए गोलीबारी हुई. इसके बाद इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया, जो लगातार दूसरे दिन भी जारी है.
भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ओर से उधमपुर में बसंतगढ़ के ऊंचे इलाकों में तीसरा ऑपरेशन किया जा रहा है. इसके लिए खुफिया एजेंसियों को टिप मिली थी, जिसे वेरिफाई करने के बाद यह ऑपरेशन शुरू करने का फैसला लिया गया. इस दौरान बसंतगढ़ में खुद को फंसता देख आतंकियों ने फायरिंग कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.
इसके बाद आतंकी शांत हो गए और फरार होने की कोशिश की. हालांकि सेना और पुलिस के जवानों सावधानी के साथ पीछा करते हुए उनसे फिर संपर्क स्थापित कर लिया और दोनों में फिर से मुठभेड़ शुरू हो गई.
आतंकियों को खत्म करने की कोशिश में सुरक्षाबल
जम्मू कश्मीर पुलिस के सूत्रों के मुताबिक अभी इलाके में घेराबंदी जारी है और आतंकियों को खत्म करने की कोशिश हो रही है. बताते चलें कि स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर हाई अलर्ट पर हैं. नियंत्रण रेखा और भीतरी इलाकों के करीबी क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि बहुत जल्द इन इलाक़ों को आतंक मुक्त कर दिया जाएगा.
