नेताओं के जुबान के आगे कमजोर पड़ा चुनाव आयोग का चाबुक

पंकज कुमार मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी 
विवादित बयान और चुनाव का चोली दामन का साथ रहा है। अभी हाल ही में लालू प्रसाद यादव नें मोदी को संतानहीन और परिवारविहीन कहा तो भाजपा नें इसे लपक कर मोदी का परिवार कैम्पेन चलाकर लालू को चारों खाने चित कर दिया। ऐसे निजी बयानों को गंभीरता से लेकर लालू पर एक और केस दर्ज होना चाहिए था।। वही मंगलसूत्र वाले बयां को लपकने के चक्कर में कांग्रेस सेल्फ गोल खाती दिख रहीं। डीएमके सांसद ए राजा जो बयान दे रहे हैं, कांग्रेस उसकी आलोचना कर रही है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी जो बयान दे रहे हैं उनकी पार्टी के ही नेता उसकी आलोचना करके पार्टी छोड़ रहे हैं। लालू प्रसाद के बयान पर अलग बहस छिड़ी हुई है। सवाल है कि विपक्षी नेता क्या विवादित बयानों से किसी ऐसे ध्रुवीकरण की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे उनको फायदा होगा ? लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देश का सियासी मिजाज गर्म है। चुनाव प्रचार और राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। वहीं एक के बाद एक शिकायतें भी चुनाव आयोग तक पहुंच रही हैं, जिन पर संज्ञान लेते हुए आयोग कार्रवाई भी कर रहा है। इस कड़ी में चुनाव आयोग ने बीजेपी सांसद और बेंगलुरु से पार्टी के उम्मीदवार तेजस्वी सूर्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को प्रेस को बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर एक वीडियो पोस्ट करने और धर्म के आधार पर वोट मांगने के आरोप में बीजेपी सांसद और बेंगलुरु दक्षिण से उम्मीदवार तेजस्वी सूर्या के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वह कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी की बेटी और कांग्रेस उम्मीदवार सौम्या रेड्डी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। 25 अप्रैल को जयनगर पुलिस स्टेशन में सांसद और बेंगलुरु दक्षिण के उम्मीदवार तेजस्वी सूर्या के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शुक्रवार को वोट डालने के बाद तेजस्वी सूर्या ने लोगों से मतदान करने का आग्रह किया। अधिकांश मामलों में चुनावी सभाओं की जमीनी हकीकत यही है नेता एक दूसरे पर निजी आरोप प्रत्यारोप करते है । अखिलेश यादव निजी बयानबाजी के महारथी है उन्होंने कई मौको पर योगी मोदी पर अपमानजनक बयान दिए है किन्तु जनता नें चुनाव के माध्यम से अखिलेश की बोलती बंद कर दी है।डीएमके नेता ए राजा ने भारत को एक देश मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि देश उसको कहते हैं, जिसमें एक जैसे लोग रहते हैं और एक जैसी भाषा बोलते हैं। भारत में जाति, धर्म और भाषा की विविधता के आधार पर उन्होंने भारत को एक देश की बजाए एक उप महाद्वीप कहा है। दक्षिण एशिया के देशों को भारतीय उप महाद्वीप कहा जाता है। लेकिन ए राजा ने भारत को देश नहीं मानने की बात कहते हुए अपनी और पार्टी की द्रविडियन पहचान को आगे रखा। उन्होंने जय श्रीराम का नारा लगाने का भी विरोध किया। ध्यान रहे वे पहले भी सनातन विरोध का बयान दे चुके हैं। ए राजा और उदयनिधि स्टालिन ने सनातन को बीमारी बताते हुए उसे खत्म करने का संकल्प जताया था।
इस बीच राहुल गांधी का भी एक बयान चर्चा में आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि उनको तो खुद प्रधानमंत्री बनना है लेकिन वे चाहते हैं कि बाकी लोगों के बच्चे जय श्रीराम बोलते हुए भूख से मर जाएं। वे सीधे भूख से मर जाने की बात भी कर सकते थे या जैसा पहले कहा था कि मोदी चाहते हैं कि देश के बच्चों को मोबाइल की लत लग जाए और वे कोई काम नहीं करें, वैसा भी कह सकते थे। लेकिन उन्होंने जय श्रीराम नारे का जिक्र किया। गौरतलब है कि गुजरात में अर्जुन मोढवाडिया और अन्य लोगों ने इसी बात को मुद्दा बनाया कि कांग्रेस भगवान राम का विरोध कर रही है। सबको पता है कि यह बहुत संवेदनशील मामला है फिर भी कैजुअल तरीके से इसे लेकर बयान दिए जा रहे हैं। उधर लालू प्रसाद ने पटना की जन विश्वास रैली में प्रधानमंत्री मोदी के संतान नहीं होने का मुद्दा उठाया जो अब आत्मघाती सिद्ध हो रहा जबकि इससे पहले सुप्रिया श्रीनेत वर्सेज कंगना रानोत में कँगना बाजी मार लें गई।

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